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Q: अष्टछाप में कवियों की संख्या कितनी थी?
  • A. 10
  • B. 8
  • C. 12
  • D. 15
Correct Answer: Option B - अष्टछाप में कवियों की संख्या आठ (8) थी। गोस्वामी बिट्ठलनाथ सन् 1565 ई. में चार बल्लभाचार्य और चार अपने शिष्यों को मिलाकर ‘अष्टछाप’ की स्थापना की। अष्टछाप के आठ कवि इस प्रकार हैं- (i) वुंâभनदास (ii) सूरदास (iii) परमानन्द दास (iv) कृष्णदास (v) गोविन्द स्वामी (vi) छीत स्वामी (vii) चतुर्भुजदास (viii) नन्ददास। ध्यातव्य है कि प्रथम चार बल्लभाचार्य के तथा अंतिम चार बिट्ठलनाथ के शिष्य हैं।
B. अष्टछाप में कवियों की संख्या आठ (8) थी। गोस्वामी बिट्ठलनाथ सन् 1565 ई. में चार बल्लभाचार्य और चार अपने शिष्यों को मिलाकर ‘अष्टछाप’ की स्थापना की। अष्टछाप के आठ कवि इस प्रकार हैं- (i) वुंâभनदास (ii) सूरदास (iii) परमानन्द दास (iv) कृष्णदास (v) गोविन्द स्वामी (vi) छीत स्वामी (vii) चतुर्भुजदास (viii) नन्ददास। ध्यातव्य है कि प्रथम चार बल्लभाचार्य के तथा अंतिम चार बिट्ठलनाथ के शिष्य हैं।

Explanations:

अष्टछाप में कवियों की संख्या आठ (8) थी। गोस्वामी बिट्ठलनाथ सन् 1565 ई. में चार बल्लभाचार्य और चार अपने शिष्यों को मिलाकर ‘अष्टछाप’ की स्थापना की। अष्टछाप के आठ कवि इस प्रकार हैं- (i) वुंâभनदास (ii) सूरदास (iii) परमानन्द दास (iv) कृष्णदास (v) गोविन्द स्वामी (vi) छीत स्वामी (vii) चतुर्भुजदास (viii) नन्ददास। ध्यातव्य है कि प्रथम चार बल्लभाचार्य के तथा अंतिम चार बिट्ठलनाथ के शिष्य हैं।