Correct Answer:
Option D - प्रकृतिवाद के अनुसार जो कुछ है, वो प्रकृति है और बालक जितना प्रकृति के सानिध्य में रहेगा वो उतना ही अधिक सीख सकेगा। बालक को पूर्ण स्वतंत्र रखा जाता है, वो जो चाहे अपनी मर्जी से कर सकते हैं, उसको कोई रोकने वाला नहीं होता लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि बालक स्वतंत्र होता हैं स्वच्छंद नहीं।
प्रकृतिवाद के सिद्धान्त:-
1. इंद्रियजनित ज्ञान ही वास्तविक ज्ञान है।
2. मनुष्य और अन्य जीवों में केवल विकास की मात्रा का अन्तर है।
3. प्रकृति ही वास्तविक सत्य है।
D. प्रकृतिवाद के अनुसार जो कुछ है, वो प्रकृति है और बालक जितना प्रकृति के सानिध्य में रहेगा वो उतना ही अधिक सीख सकेगा। बालक को पूर्ण स्वतंत्र रखा जाता है, वो जो चाहे अपनी मर्जी से कर सकते हैं, उसको कोई रोकने वाला नहीं होता लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि बालक स्वतंत्र होता हैं स्वच्छंद नहीं।
प्रकृतिवाद के सिद्धान्त:-
1. इंद्रियजनित ज्ञान ही वास्तविक ज्ञान है।
2. मनुष्य और अन्य जीवों में केवल विकास की मात्रा का अन्तर है।
3. प्रकृति ही वास्तविक सत्य है।