Correct Answer:
Option B - ‘अश्वात् राम: अपतत्’ में अश्व से राम के अलग होने के अर्थ में अर्थात् ‘अश्व’ से अपाय होने से अश्व की अपादान संज्ञा होगी तथा ‘अपादाने पञ्चमी’ से पञ्चमी विभक्ति होगी। अश्व की अपादान संज्ञा ‘धु्रवमपायेऽपादानम्’ सूत्र से होगी।
B. ‘अश्वात् राम: अपतत्’ में अश्व से राम के अलग होने के अर्थ में अर्थात् ‘अश्व’ से अपाय होने से अश्व की अपादान संज्ञा होगी तथा ‘अपादाने पञ्चमी’ से पञ्चमी विभक्ति होगी। अश्व की अपादान संज्ञा ‘धु्रवमपायेऽपादानम्’ सूत्र से होगी।