Correct Answer:
Option A - ‘उपगङ्गम्’ ‘गंगाया: समीपम्’- यहाँ पर उप अव्यय पूर्व पद होने से समीप अर्थ में द्वितीय पद गंगाया: से समास हुआ है अत: यहाँ पूर्व पद अव्यय होने से अव्ययीभाव समास है। अव्ययी भाव समास में पहला पद प्रधान होता है और संपूर्ण शब्द अव्यय की भाँति प्रयोग में आता है, प्राय: यह नपुंसकलिंग प्रथमा एकवचन में आता है, प्राय: यह नपुंसकलिंग प्रथमा एकवचन में होता है। जैसे – प्रतिदिन। इस समास का विग्रह करते समय समस्त पद में प्रत्युक्त अव्यय के अर्थ का ही प्रोग होता है। जैसे – उपगंगम
= गंगाया: समीपम् (गंगा के समीप)
A. ‘उपगङ्गम्’ ‘गंगाया: समीपम्’- यहाँ पर उप अव्यय पूर्व पद होने से समीप अर्थ में द्वितीय पद गंगाया: से समास हुआ है अत: यहाँ पूर्व पद अव्यय होने से अव्ययीभाव समास है। अव्ययी भाव समास में पहला पद प्रधान होता है और संपूर्ण शब्द अव्यय की भाँति प्रयोग में आता है, प्राय: यह नपुंसकलिंग प्रथमा एकवचन में आता है, प्राय: यह नपुंसकलिंग प्रथमा एकवचन में होता है। जैसे – प्रतिदिन। इस समास का विग्रह करते समय समस्त पद में प्रत्युक्त अव्यय के अर्थ का ही प्रोग होता है। जैसे – उपगंगम
= गंगाया: समीपम् (गंगा के समीप)