Correct Answer:
Option C - ‘अनुरूप’ शब्द के समस्त पद में अव्ययीभाव समास है। अनुरूप शब्द में अनु एक अव्यय है। जिसमें पूर्वपद की प्रधानता हो और सामासिक या समस्त पद अव्यय हो जाए वहाँ अव्ययीभाव समास होता है।
तत्पुरुष समास - तत्पुरुष समास में अन्तिम पद प्रधान होता है। इस समास में साधारणत: प्रथम पद विशेषण और द्वितीय पद विशेष्य होता है इस कारण इस समास में उसकी प्रधानता रहती है।
माखनचोर - माखन को चुराने वाला
कर्मधारय समास - जिस (कर्मधारय) समास का प्रथम पद विशेषण और द्वितीय पद विशेष्य अथवा संज्ञा होता है उसे कर्मधारय समास कहते हैं।
महाकवि - महान है जो कवि
बहुब्रीहि समास - इस समास में दोनों में से कोई भी पद प्रधान नहीं होता है, दोनों शब्द मिलकर एक नया अर्थ प्रकट करते हैं।
पीताम्बर • पीले वस्त्र हैं जिसके अर्थात् विष्णु
C. ‘अनुरूप’ शब्द के समस्त पद में अव्ययीभाव समास है। अनुरूप शब्द में अनु एक अव्यय है। जिसमें पूर्वपद की प्रधानता हो और सामासिक या समस्त पद अव्यय हो जाए वहाँ अव्ययीभाव समास होता है।
तत्पुरुष समास - तत्पुरुष समास में अन्तिम पद प्रधान होता है। इस समास में साधारणत: प्रथम पद विशेषण और द्वितीय पद विशेष्य होता है इस कारण इस समास में उसकी प्रधानता रहती है।
माखनचोर - माखन को चुराने वाला
कर्मधारय समास - जिस (कर्मधारय) समास का प्रथम पद विशेषण और द्वितीय पद विशेष्य अथवा संज्ञा होता है उसे कर्मधारय समास कहते हैं।
महाकवि - महान है जो कवि
बहुब्रीहि समास - इस समास में दोनों में से कोई भी पद प्रधान नहीं होता है, दोनों शब्द मिलकर एक नया अर्थ प्रकट करते हैं।
पीताम्बर • पीले वस्त्र हैं जिसके अर्थात् विष्णु