Correct Answer:
Option C - उपर्युक्त अनुच्छेद के अनुसार यदि आप काम-धंधे का भला और विकास करना चाहते हैं तो इससे अधिक अच्छा अन्य उपाय कोई नहीं हो सकता कि आप अपना स्वभाव प्रसन्नतामय, उल्लासमय और हर्ष-समन्वित बना लें। अत: स्पष्ट होता है कि यदि आप अपना स्वभाव प्रसन्नतामय, उल्लासमय और हर्ष-समन्वित बना लेंगे तो आपको व्यापार के पीछे नही भागना पड़ेगा।
C. उपर्युक्त अनुच्छेद के अनुसार यदि आप काम-धंधे का भला और विकास करना चाहते हैं तो इससे अधिक अच्छा अन्य उपाय कोई नहीं हो सकता कि आप अपना स्वभाव प्रसन्नतामय, उल्लासमय और हर्ष-समन्वित बना लें। अत: स्पष्ट होता है कि यदि आप अपना स्वभाव प्रसन्नतामय, उल्लासमय और हर्ष-समन्वित बना लेंगे तो आपको व्यापार के पीछे नही भागना पड़ेगा।