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Q: अलकनन्दा एवं धौलीगंगा का संगम स्थल है –
  • A. नन्द प्रयाग
  • B. विष्णु प्रयाग
  • C. कर्ण प्रयाग
  • D. रूद्र प्रयाग
Correct Answer: Option B - उत्तराखण्ड के हिमालयी क्षेत्र के ‘पंच प्रयाग’ यानि संगम को सबसे पवित्र माना गया है। क्योंकि गंगा, युमना और सरस्वती और उनकी सहायक नदियों का उद्गम स्थल देवभूमि उत्तराखण्ड है। विष्णु प्रयाग ___ अलकनंदा एवं धौली गंगा का संगम स्थल नन्द प्रयाग ___ अलकनंदा एवं नंदाकिनी का संगम स्थल कर्ण प्रयाग ___ अलकनंदा एवं पिंडर का संगम स्थल रूद्र प्रयाग ___ अलकनंदा एवं मंदाकिनी का संगम स्थल देवप्रयाग ___ अलकनंदा एवं भागीरथी का संगम स्थल
B. उत्तराखण्ड के हिमालयी क्षेत्र के ‘पंच प्रयाग’ यानि संगम को सबसे पवित्र माना गया है। क्योंकि गंगा, युमना और सरस्वती और उनकी सहायक नदियों का उद्गम स्थल देवभूमि उत्तराखण्ड है। विष्णु प्रयाग ___ अलकनंदा एवं धौली गंगा का संगम स्थल नन्द प्रयाग ___ अलकनंदा एवं नंदाकिनी का संगम स्थल कर्ण प्रयाग ___ अलकनंदा एवं पिंडर का संगम स्थल रूद्र प्रयाग ___ अलकनंदा एवं मंदाकिनी का संगम स्थल देवप्रयाग ___ अलकनंदा एवं भागीरथी का संगम स्थल

Explanations:

उत्तराखण्ड के हिमालयी क्षेत्र के ‘पंच प्रयाग’ यानि संगम को सबसे पवित्र माना गया है। क्योंकि गंगा, युमना और सरस्वती और उनकी सहायक नदियों का उद्गम स्थल देवभूमि उत्तराखण्ड है। विष्णु प्रयाग ___ अलकनंदा एवं धौली गंगा का संगम स्थल नन्द प्रयाग ___ अलकनंदा एवं नंदाकिनी का संगम स्थल कर्ण प्रयाग ___ अलकनंदा एवं पिंडर का संगम स्थल रूद्र प्रयाग ___ अलकनंदा एवं मंदाकिनी का संगम स्थल देवप्रयाग ___ अलकनंदा एवं भागीरथी का संगम स्थल