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Q: Fibres used in FRC are also called as FRC में प्रयुक्त फाइबर को ........ भी कहा जाता है–
  • A. Secondary reinforcements/द्वितीयक प्रबलन
  • B. Super reinforcements/सुपर रीइन्फोर्समेंट
  • C. Slim reinforcement/स्लिम रीइन्फोर्समेंट
  • D. Slender reinforcement/कृश प्रबलन
Correct Answer: Option A - रेशा प्रबलित कंक्रीट (Fibre Reinforced concrete)–जब कंक्रीट में कुछ पदार्थों के रेशे डालकर इसकी तनन सामथ्र्य को सुधारा जाता है, तब यह रेशा प्रबलित कंक्रीट कहलाती है। कंक्रीट में उत्पन्न दरारों को रोकने तथा इसकी तनन सामथ्र्य को बढ़ाने के लिए, इसमें सामान्यत: इस्पात, एस्बेस्टस, पोलीप्रोपीन, नाइलॉन, नारियल, काँच आदि पदार्थों के रेशे उपयुक्त होते हैं। रेशा प्रबलित कंक्रीट में प्रयुक्त इन रेशों को द्वितीयक प्रबलन कहते हैं।
A. रेशा प्रबलित कंक्रीट (Fibre Reinforced concrete)–जब कंक्रीट में कुछ पदार्थों के रेशे डालकर इसकी तनन सामथ्र्य को सुधारा जाता है, तब यह रेशा प्रबलित कंक्रीट कहलाती है। कंक्रीट में उत्पन्न दरारों को रोकने तथा इसकी तनन सामथ्र्य को बढ़ाने के लिए, इसमें सामान्यत: इस्पात, एस्बेस्टस, पोलीप्रोपीन, नाइलॉन, नारियल, काँच आदि पदार्थों के रेशे उपयुक्त होते हैं। रेशा प्रबलित कंक्रीट में प्रयुक्त इन रेशों को द्वितीयक प्रबलन कहते हैं।

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रेशा प्रबलित कंक्रीट (Fibre Reinforced concrete)–जब कंक्रीट में कुछ पदार्थों के रेशे डालकर इसकी तनन सामथ्र्य को सुधारा जाता है, तब यह रेशा प्रबलित कंक्रीट कहलाती है। कंक्रीट में उत्पन्न दरारों को रोकने तथा इसकी तनन सामथ्र्य को बढ़ाने के लिए, इसमें सामान्यत: इस्पात, एस्बेस्टस, पोलीप्रोपीन, नाइलॉन, नारियल, काँच आदि पदार्थों के रेशे उपयुक्त होते हैं। रेशा प्रबलित कंक्रीट में प्रयुक्त इन रेशों को द्वितीयक प्रबलन कहते हैं।