Correct Answer:
Option C - ‘यथोचित’ का संधि विच्छेद होगा – यथा + उचित। इसमें गुण संधि है। जब अ, आ के साथ इ, ई हो तो इ/ई का ‘ए’, उ, ऊ का ओ और ऋ का अर् हो जाता है, इसे ही गुण संधि कहते हैं। जैसे – देव + इन्द्र = देवेन्द्र, प्राप्त + उदक = प्राप्तोदक
C. ‘यथोचित’ का संधि विच्छेद होगा – यथा + उचित। इसमें गुण संधि है। जब अ, आ के साथ इ, ई हो तो इ/ई का ‘ए’, उ, ऊ का ओ और ऋ का अर् हो जाता है, इसे ही गुण संधि कहते हैं। जैसे – देव + इन्द्र = देवेन्द्र, प्राप्त + उदक = प्राप्तोदक