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Q: अलं महीपाल! तव श्रमेण प्रयुक्तमप्यस्त्रमितो वृथा स्यात्। न पादपोन्मूलनशक्तिरंह: शिलोच्चये मूच्र्छति मारुतस्य।। स त्वं निवत्र्तस्व विहाय लज्जां गुरोर्भवान् दर्शितशिष्यभक्ति:। शस्त्रेण रक्ष्यं यदशक्यरक्षं न तद् यश: शस्त्रभृतां क्षिणोति।। 4. किसके प्रति शिष्यभक्ति प्रदर्शित करें?
  • A. लज्जा के प्रति
  • B. शस्त्र के प्रति
  • C. यश के प्रति
  • D. गुरु के प्रति
Correct Answer: Option D -

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