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Q: दहेज लेना एवं देना किस विधि के अन्तर्गत अपराध है?
  • A. दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961
  • B. घरेलू हिंसा अधिनियम।
  • C. भारतीय दंड संहिता।
  • D. उपरोक्त में से कोई नहीं।
Correct Answer: Option A - दहेज लेना एवं देना दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 के अंतर्गत अपराध है। दहेज लेने या देने का अपराध करने वाले को कम से कम पाँच वर्ष के कारावास के साथ में कम से कम पन्द्रह हजार रुपये या उतनी राशि जितनी कीमत उपहार की हो,इनमें से जो ज्यादा हो के जुर्माने की सजा दी जा सकती है। लेकिन शादी के समय वर या वधू को जो उपहार दिया जायेगा और उसे नियमानुसार सूची में अंकित किया जायेगा वह दहेज की परिभाषा से बाहर होगा।
A. दहेज लेना एवं देना दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 के अंतर्गत अपराध है। दहेज लेने या देने का अपराध करने वाले को कम से कम पाँच वर्ष के कारावास के साथ में कम से कम पन्द्रह हजार रुपये या उतनी राशि जितनी कीमत उपहार की हो,इनमें से जो ज्यादा हो के जुर्माने की सजा दी जा सकती है। लेकिन शादी के समय वर या वधू को जो उपहार दिया जायेगा और उसे नियमानुसार सूची में अंकित किया जायेगा वह दहेज की परिभाषा से बाहर होगा।

Explanations:

दहेज लेना एवं देना दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 के अंतर्गत अपराध है। दहेज लेने या देने का अपराध करने वाले को कम से कम पाँच वर्ष के कारावास के साथ में कम से कम पन्द्रह हजार रुपये या उतनी राशि जितनी कीमत उपहार की हो,इनमें से जो ज्यादा हो के जुर्माने की सजा दी जा सकती है। लेकिन शादी के समय वर या वधू को जो उपहार दिया जायेगा और उसे नियमानुसार सूची में अंकित किया जायेगा वह दहेज की परिभाषा से बाहर होगा।