Explanations:
अकबर के समय मालवा विजय के लिए उत्तरदायी अब्दुल्ला खान उजबेग था। अकबर ने सर्वप्रथम मालवा (1561 ई.) पर आक्रमण करने के लिए आधम खाँ को भेजा था। आधम खाँ ने मालवा के शासक बाजबहादुर को परास्त किया तथा उसकी सम्पूर्ण सम्पत्ति और स्त्रियों पर अपना अधिकार कर लिया। बाजबहादुर की पत्नी रूपमती ने जहर खाकर अपने सतीत्व की रक्षा की। 1562 ई. में मालवा का सूबेदार मुल्ला पीर मुहम्मद था इसे बाजबहादुर से पराजित होना पड़ा अर्थात् मालवा पर पुन: बाजबहादुर का अधिकार हो गया था। इस बार अकबर ने अब्दुल्ला खाँ उजबेग के नेतृत्व में मुगल सेना मालवा को जीतने के लिए भेजी जिसने बाजबहादुर को पराजित करके मालवा को अपने अधीन कर लिया। अंत में बाजबहादुर ने मुगल-सेवा स्वीकार कर ली और उसे मुगल मनसबदार बना दिया गया। नोट-आयोग ने अपने संशोधित उत्तर कुंजी में इस प्रश्न का उत्तर (c) माना है।