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Q: शरीर के केन्द्रीय भाग से परिधियों या अग्रांगों की ओर का विकास दर्शाता है–
  • A. विकिरणीय विकास के सिद्धान्तों को
  • B. विकेन्द्रीकृत विकास के सिद्धान्तों को
  • C. मध्य–बाह्य विकास के सिद्धान्तों को
  • D. सोपानीय विकास के सिद्धान्तों को
Correct Answer: Option C - मध्य–बाह्य विकास का सिद्धान्त या सामीप्यता विकास का सिद्धान्त (Principles of Proximodistal development) यह बतलाता है कि वृद्धि तथा विकास निकट से दूर की ओर के क्रम का अनुसरण करता है। इसके अनुसार पहले केन्द्र में स्थित अंगों की रचना व नियंत्रण होता है फिर केन्द्र से दूर स्थित अंगों की रचना व नियंत्रण होता है। यही कारण है कि बालक पहले हाथ व पैर की मांशपेशियों पर नियंत्रण करना सीखता है तथा बाद में अंगुलियों के संचालन में निपुण होता है।
C. मध्य–बाह्य विकास का सिद्धान्त या सामीप्यता विकास का सिद्धान्त (Principles of Proximodistal development) यह बतलाता है कि वृद्धि तथा विकास निकट से दूर की ओर के क्रम का अनुसरण करता है। इसके अनुसार पहले केन्द्र में स्थित अंगों की रचना व नियंत्रण होता है फिर केन्द्र से दूर स्थित अंगों की रचना व नियंत्रण होता है। यही कारण है कि बालक पहले हाथ व पैर की मांशपेशियों पर नियंत्रण करना सीखता है तथा बाद में अंगुलियों के संचालन में निपुण होता है।

Explanations:

मध्य–बाह्य विकास का सिद्धान्त या सामीप्यता विकास का सिद्धान्त (Principles of Proximodistal development) यह बतलाता है कि वृद्धि तथा विकास निकट से दूर की ओर के क्रम का अनुसरण करता है। इसके अनुसार पहले केन्द्र में स्थित अंगों की रचना व नियंत्रण होता है फिर केन्द्र से दूर स्थित अंगों की रचना व नियंत्रण होता है। यही कारण है कि बालक पहले हाथ व पैर की मांशपेशियों पर नियंत्रण करना सीखता है तथा बाद में अंगुलियों के संचालन में निपुण होता है।