Correct Answer:
Option D - एक नए साझेदार के प्रवेश के पश्चात् साझेदारों के बीच नया अनुपात उनके (साझेदारों) के परस्पर सहमति के अनुसार तय होता है तथा यह जरूरी नहीं की उनकी पूँजी भी नये साझेदार के आने के बाद नए अनुपात में ही हो। यह (पूँजी) साझेदारों के परस्पर समझौते/सहमति पर आधारित होता है कि साझेदारों की नयी पूँजी किस अनुपात में होगी।
D. एक नए साझेदार के प्रवेश के पश्चात् साझेदारों के बीच नया अनुपात उनके (साझेदारों) के परस्पर सहमति के अनुसार तय होता है तथा यह जरूरी नहीं की उनकी पूँजी भी नये साझेदार के आने के बाद नए अनुपात में ही हो। यह (पूँजी) साझेदारों के परस्पर समझौते/सहमति पर आधारित होता है कि साझेदारों की नयी पूँजी किस अनुपात में होगी।