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Q: 'Ramman' folk tradition is related to : ‘रम्माण’ लोक परम्परा सम्बन्धित है :
  • A. Salur, Dungra/सलूड़, डुंगरा से
  • B. Nagnath/नागनाथ से
  • C. Guptkashi/गुप्तकाशी से
  • D. Nauti/नौटी से
Correct Answer: Option A - रम्माण उत्सव का आयोजन चमोली जिले के सलूड़, डुंग्रा, सेलंग आदि गाँवों में किया जाता है। रम्माण उत्सव में रामायण पाठ किया जाता है जिसमें बिना संवादों के गीतों, ढोल और ताल की लय पर मुखौटा शैली पर रामायण का मंचन किया जाता है। माना जाता है कि रम्माण का इतिहास 500 वर्ष से भी पुराना है। 2 अक्टूबर, 2009 को यूनेस्को द्वारा रम्माण उत्सव को विश्व धरोहर घोषित किया गया है।
A. रम्माण उत्सव का आयोजन चमोली जिले के सलूड़, डुंग्रा, सेलंग आदि गाँवों में किया जाता है। रम्माण उत्सव में रामायण पाठ किया जाता है जिसमें बिना संवादों के गीतों, ढोल और ताल की लय पर मुखौटा शैली पर रामायण का मंचन किया जाता है। माना जाता है कि रम्माण का इतिहास 500 वर्ष से भी पुराना है। 2 अक्टूबर, 2009 को यूनेस्को द्वारा रम्माण उत्सव को विश्व धरोहर घोषित किया गया है।

Explanations:

रम्माण उत्सव का आयोजन चमोली जिले के सलूड़, डुंग्रा, सेलंग आदि गाँवों में किया जाता है। रम्माण उत्सव में रामायण पाठ किया जाता है जिसमें बिना संवादों के गीतों, ढोल और ताल की लय पर मुखौटा शैली पर रामायण का मंचन किया जाता है। माना जाता है कि रम्माण का इतिहास 500 वर्ष से भी पुराना है। 2 अक्टूबर, 2009 को यूनेस्को द्वारा रम्माण उत्सव को विश्व धरोहर घोषित किया गया है।