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Q: ‘सब कोऊ जानत तुम्हें सारे जगत जहान’ - इस वाक्य में कौन-सा काव्य-दोष है?
  • A. न्यून पदत्व
  • B. पुनरुक्ति
  • C. क्लिष्टत्व
  • D. अक्रमत्व
Correct Answer: Option B - ‘सब कोऊ जानत तुम्हें सारे जगत जहान’ उक्त पंक्ति में ‘पुनरुक्ति काव्य दोष’ है। ‘पुनरुक्ति दोष’ अर्थ दोष के अन्तर्गत आता है। जहाँ अर्थ की पुनरुक्ति हो अर्थात् एक ही बात को दो अलग-अलग शब्दों के माध्यम से कहा जाए वहाँ पुनरुक्ति अर्थ काव्य दोष होता है। आचार्य विश्वनाथ के अनुसार ‘रस के अपकर्ष दोष’ कहलाते हैं। आचार्यों ने काव्य-दोष के प्रकार अपने-अपने मतानुसार अलग-अलग बताये हैं। उदाहरण:- भरतमुनि ने 10, आचार्य वामन ने 20, मम्मट ने 3, तो आचार्य विश्वनाथ ने 70 काव्य-दोष बताये हैं- सामान्यत: दोष के तीन प्रकार होते हैं- 1. शब्द दोष 2. अर्थ दोष 3. रस दोष
B. ‘सब कोऊ जानत तुम्हें सारे जगत जहान’ उक्त पंक्ति में ‘पुनरुक्ति काव्य दोष’ है। ‘पुनरुक्ति दोष’ अर्थ दोष के अन्तर्गत आता है। जहाँ अर्थ की पुनरुक्ति हो अर्थात् एक ही बात को दो अलग-अलग शब्दों के माध्यम से कहा जाए वहाँ पुनरुक्ति अर्थ काव्य दोष होता है। आचार्य विश्वनाथ के अनुसार ‘रस के अपकर्ष दोष’ कहलाते हैं। आचार्यों ने काव्य-दोष के प्रकार अपने-अपने मतानुसार अलग-अलग बताये हैं। उदाहरण:- भरतमुनि ने 10, आचार्य वामन ने 20, मम्मट ने 3, तो आचार्य विश्वनाथ ने 70 काव्य-दोष बताये हैं- सामान्यत: दोष के तीन प्रकार होते हैं- 1. शब्द दोष 2. अर्थ दोष 3. रस दोष

Explanations:

‘सब कोऊ जानत तुम्हें सारे जगत जहान’ उक्त पंक्ति में ‘पुनरुक्ति काव्य दोष’ है। ‘पुनरुक्ति दोष’ अर्थ दोष के अन्तर्गत आता है। जहाँ अर्थ की पुनरुक्ति हो अर्थात् एक ही बात को दो अलग-अलग शब्दों के माध्यम से कहा जाए वहाँ पुनरुक्ति अर्थ काव्य दोष होता है। आचार्य विश्वनाथ के अनुसार ‘रस के अपकर्ष दोष’ कहलाते हैं। आचार्यों ने काव्य-दोष के प्रकार अपने-अपने मतानुसार अलग-अलग बताये हैं। उदाहरण:- भरतमुनि ने 10, आचार्य वामन ने 20, मम्मट ने 3, तो आचार्य विश्वनाथ ने 70 काव्य-दोष बताये हैं- सामान्यत: दोष के तीन प्रकार होते हैं- 1. शब्द दोष 2. अर्थ दोष 3. रस दोष