Correct Answer:
Option C - विजयनगर राज्य के राजस्व का महत्त्वपूर्ण स्रोत भूमिकर होता था। भूमि का भली-भाँति सर्वेक्षण किया जाता था और राज्य उपज के छठवें भाग को भूमिकर के रूप में वसूलता था। ग्राम के स्वरूप, भूस्वामित्व, उत्पादकता और उगाई जाने वाली फसलों को ध्यान में रखकर भूमि कर का निर्धारण किया जाता था। भू-राजस्व के अतिरिक्त राज्य को अन्य विभिन्न स्रोतों से आय होती थी जिनमें सम्पत्ति कर, व्यापारिक कर, व्यावसायिक कर, उद्योगों पर लगाए जाने वाले कर, सामाजिक और सामुदायिक कर तथा अपराधों के लिए आरोपित अर्थदण्ड आदि प्रमुख थे। विजयनगर साम्राज्य द्वारा वसूल किए जाने वाले विविध करों के नाम इस प्रकार हैं – कदमाई, मगमाइ, कनिक्कई, कत्तनम, कणम्, वरम्, भोगम्, वारि, पत्तम, इराई और कत्तायम। इस प्रकार कथन (1) और (2) दोनों सत्य हैं।
C. विजयनगर राज्य के राजस्व का महत्त्वपूर्ण स्रोत भूमिकर होता था। भूमि का भली-भाँति सर्वेक्षण किया जाता था और राज्य उपज के छठवें भाग को भूमिकर के रूप में वसूलता था। ग्राम के स्वरूप, भूस्वामित्व, उत्पादकता और उगाई जाने वाली फसलों को ध्यान में रखकर भूमि कर का निर्धारण किया जाता था। भू-राजस्व के अतिरिक्त राज्य को अन्य विभिन्न स्रोतों से आय होती थी जिनमें सम्पत्ति कर, व्यापारिक कर, व्यावसायिक कर, उद्योगों पर लगाए जाने वाले कर, सामाजिक और सामुदायिक कर तथा अपराधों के लिए आरोपित अर्थदण्ड आदि प्रमुख थे। विजयनगर साम्राज्य द्वारा वसूल किए जाने वाले विविध करों के नाम इस प्रकार हैं – कदमाई, मगमाइ, कनिक्कई, कत्तनम, कणम्, वरम्, भोगम्, वारि, पत्तम, इराई और कत्तायम। इस प्रकार कथन (1) और (2) दोनों सत्य हैं।