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Q: आंत्रज्वर रोग मानव शरीर के किस अंग को प्रभावित करता है?
  • A. फेफड़ा
  • B. रीढ़ की हड्डी
  • C. शरीर के जोड़
  • D. आँत
Correct Answer: Option D - आंत्र ज्वर सलमोनेल्ला टायफी जीवाणु से होता है। आंत्र ज्वर (टाइफाइड) को एंटीबायोटिक दवाइयों से रोका जाता है। सामान्यत: आंत्र ज्वर से पीडि़त व्यक्तियों को लगातार 103 से 104⁰F बुखार रहता है साथ ही कमजोरी, पेट में दर्द, सिर दर्द, भूख कम लगना जैसे लक्षण भी देखे जाते हैंं आंत्र ज्वर में लम्बे समय से आंतों में बुखार रहता है अगर समय से उपचार न हुआ तो आंत्रों में छेद होने की संभावना रहती है। यह दूषित पानी से होने वाली संक्रामक बीमारी है।
D. आंत्र ज्वर सलमोनेल्ला टायफी जीवाणु से होता है। आंत्र ज्वर (टाइफाइड) को एंटीबायोटिक दवाइयों से रोका जाता है। सामान्यत: आंत्र ज्वर से पीडि़त व्यक्तियों को लगातार 103 से 104⁰F बुखार रहता है साथ ही कमजोरी, पेट में दर्द, सिर दर्द, भूख कम लगना जैसे लक्षण भी देखे जाते हैंं आंत्र ज्वर में लम्बे समय से आंतों में बुखार रहता है अगर समय से उपचार न हुआ तो आंत्रों में छेद होने की संभावना रहती है। यह दूषित पानी से होने वाली संक्रामक बीमारी है।

Explanations:

आंत्र ज्वर सलमोनेल्ला टायफी जीवाणु से होता है। आंत्र ज्वर (टाइफाइड) को एंटीबायोटिक दवाइयों से रोका जाता है। सामान्यत: आंत्र ज्वर से पीडि़त व्यक्तियों को लगातार 103 से 104⁰F बुखार रहता है साथ ही कमजोरी, पेट में दर्द, सिर दर्द, भूख कम लगना जैसे लक्षण भी देखे जाते हैंं आंत्र ज्वर में लम्बे समय से आंतों में बुखार रहता है अगर समय से उपचार न हुआ तो आंत्रों में छेद होने की संभावना रहती है। यह दूषित पानी से होने वाली संक्रामक बीमारी है।