Correct Answer:
Option C - ‘आत्मजयी’ कूँवर नारायण की रचना है। यह एक खण्डकाव्य है जो कि ‘कठोपनिषद’ को आधार बनाकर लिखा गया है। इसमें नचिकेता की पितृभक्ति तथा मृत्युदेवता से उसके संवाद को दर्शाया गया है। चक्रव्यूह, हम, तुम, अपने सामने, परिवेश, कोई दूसरा नहीं, इन दिनों इनके काव्यसंग्रह है। ‘वाजश्रवा के बहाने’ इनका अन्य खण्डकाव्य है।
C. ‘आत्मजयी’ कूँवर नारायण की रचना है। यह एक खण्डकाव्य है जो कि ‘कठोपनिषद’ को आधार बनाकर लिखा गया है। इसमें नचिकेता की पितृभक्ति तथा मृत्युदेवता से उसके संवाद को दर्शाया गया है। चक्रव्यूह, हम, तुम, अपने सामने, परिवेश, कोई दूसरा नहीं, इन दिनों इनके काव्यसंग्रह है। ‘वाजश्रवा के बहाने’ इनका अन्य खण्डकाव्य है।