Correct Answer:
Option C - व्याख्या कवि जगनिक ने ‘परमालरासो’ नामक कृति की रचना की है जो ‘आल्हा’ और ‘ऊदल’ के चरित्र को वीरगीतात्मक काव्य के रूप रची गई है। उत्तर प्रदेश में आल्हाखण्ड’ के नाम से प्रसिद्ध रासो लोक गेय काव्य है। 1865 ई. में चार्ल्स इलियट ने इस ग्रंथ का प्रकाशन ‘आल्हाखण्ड’ शीर्षक से कराया है। यह मौलिक परंपरा पर आधारित था। इसी प्रति के आधार पर श्यामसुन्दर दास ने इसका पाठ निर्धारित किया।
C. व्याख्या कवि जगनिक ने ‘परमालरासो’ नामक कृति की रचना की है जो ‘आल्हा’ और ‘ऊदल’ के चरित्र को वीरगीतात्मक काव्य के रूप रची गई है। उत्तर प्रदेश में आल्हाखण्ड’ के नाम से प्रसिद्ध रासो लोक गेय काव्य है। 1865 ई. में चार्ल्स इलियट ने इस ग्रंथ का प्रकाशन ‘आल्हाखण्ड’ शीर्षक से कराया है। यह मौलिक परंपरा पर आधारित था। इसी प्रति के आधार पर श्यामसुन्दर दास ने इसका पाठ निर्धारित किया।