Correct Answer:
Option B - ``शूरे निर्घृणता मुनौ विमतिता दैन्यं प्रियालापिनि'' नामक श्लोकांश में निर्घृणता का अर्थ निर्दयता से है। अर्थात् शूर जन (वीर लोग) के अंदर निर्दयता कूट -कूट कर भरी होती है और मुनियों के अंदर विनम्रता होती है।
B. ``शूरे निर्घृणता मुनौ विमतिता दैन्यं प्रियालापिनि'' नामक श्लोकांश में निर्घृणता का अर्थ निर्दयता से है। अर्थात् शूर जन (वीर लोग) के अंदर निर्दयता कूट -कूट कर भरी होती है और मुनियों के अंदर विनम्रता होती है।