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Q: ``शूरे निर्घृणता मुनौ विमतिता दैन्यं प्रियालापिनि'' –इस श्लोकांश में `निर्घृणता' का अर्थ है :
  • A. घृणाशून्यता
  • B. निर्दयता
  • C. सज्जनता
  • D. दुर्जनता
Correct Answer: Option B - ``शूरे निर्घृणता मुनौ विमतिता दैन्यं प्रियालापिनि'' नामक श्लोकांश में निर्घृणता का अर्थ निर्दयता से है। अर्थात् शूर जन (वीर लोग) के अंदर निर्दयता कूट -कूट कर भरी होती है और मुनियों के अंदर विनम्रता होती है।
B. ``शूरे निर्घृणता मुनौ विमतिता दैन्यं प्रियालापिनि'' नामक श्लोकांश में निर्घृणता का अर्थ निर्दयता से है। अर्थात् शूर जन (वीर लोग) के अंदर निर्दयता कूट -कूट कर भरी होती है और मुनियों के अंदर विनम्रता होती है।

Explanations:

``शूरे निर्घृणता मुनौ विमतिता दैन्यं प्रियालापिनि'' नामक श्लोकांश में निर्घृणता का अर्थ निर्दयता से है। अर्थात् शूर जन (वीर लोग) के अंदर निर्दयता कूट -कूट कर भरी होती है और मुनियों के अंदर विनम्रता होती है।