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Q: A wholly submerged body has its centre of gravity below the centre of buoyancy. The body is in : एक पूर्णतः निमज्जित पिण्ड का गुरूत्व केन्द्र उत्प्लावन केन्द्र के नीचे है पिण्ड............. में हैं।
  • A. Neutral equilibrium/उदासीन संतुलन
  • B. Unstable equilibrium /अस्थिर संतुलन
  • C. Stable equilibrium /स्थिर संतुलन
  • D. None of the given options दिए गए विकल्पों में से कोई नहीं
Correct Answer: Option C - उत्प्लावन बल (Buoyant force)–यह एक प्रकार का बल है जो किसी पिण्ड पर द्रव द्वारा ऊपर की ओर लगाया जाता है जब पिण्ड द्रव में होता है। उत्प्लावन बल का मान पिण्ड द्वारा विस्थापित तरल के भार के बराबर होता है। उत्प्लावन केन्द्र (Centre of buoyancy)–वह बिन्दु जहाँ उत्प्लावन बल कार्य करता है, उत्प्लावन केन्द्र कहलाता है। यह विस्थापित तरल के आयतन का केन्द्रक होता है। जलमग्न पिण्ड की स्थिरता– (i) जब उत्प्लावन केन्द्र पिण्ड के गुरुत्व केन्द्र के ऊपर हो ⇒ स्थिर संतुलन (ii) जब उत्प्लावन केन्द्र गुरुत्व केन्द्र के सम्पाती हो ⇒ उदासीन संतुलन (iii) जब उत्प्लावन केन्द्र पिण्ड के गुरुत्व केन्द्र के नीचे स्थित हो ⇒ अस्थिर संतुलन
C. उत्प्लावन बल (Buoyant force)–यह एक प्रकार का बल है जो किसी पिण्ड पर द्रव द्वारा ऊपर की ओर लगाया जाता है जब पिण्ड द्रव में होता है। उत्प्लावन बल का मान पिण्ड द्वारा विस्थापित तरल के भार के बराबर होता है। उत्प्लावन केन्द्र (Centre of buoyancy)–वह बिन्दु जहाँ उत्प्लावन बल कार्य करता है, उत्प्लावन केन्द्र कहलाता है। यह विस्थापित तरल के आयतन का केन्द्रक होता है। जलमग्न पिण्ड की स्थिरता– (i) जब उत्प्लावन केन्द्र पिण्ड के गुरुत्व केन्द्र के ऊपर हो ⇒ स्थिर संतुलन (ii) जब उत्प्लावन केन्द्र गुरुत्व केन्द्र के सम्पाती हो ⇒ उदासीन संतुलन (iii) जब उत्प्लावन केन्द्र पिण्ड के गुरुत्व केन्द्र के नीचे स्थित हो ⇒ अस्थिर संतुलन

Explanations:

उत्प्लावन बल (Buoyant force)–यह एक प्रकार का बल है जो किसी पिण्ड पर द्रव द्वारा ऊपर की ओर लगाया जाता है जब पिण्ड द्रव में होता है। उत्प्लावन बल का मान पिण्ड द्वारा विस्थापित तरल के भार के बराबर होता है। उत्प्लावन केन्द्र (Centre of buoyancy)–वह बिन्दु जहाँ उत्प्लावन बल कार्य करता है, उत्प्लावन केन्द्र कहलाता है। यह विस्थापित तरल के आयतन का केन्द्रक होता है। जलमग्न पिण्ड की स्थिरता– (i) जब उत्प्लावन केन्द्र पिण्ड के गुरुत्व केन्द्र के ऊपर हो ⇒ स्थिर संतुलन (ii) जब उत्प्लावन केन्द्र गुरुत्व केन्द्र के सम्पाती हो ⇒ उदासीन संतुलन (iii) जब उत्प्लावन केन्द्र पिण्ड के गुरुत्व केन्द्र के नीचे स्थित हो ⇒ अस्थिर संतुलन