Correct Answer:
Option C - संधारित्र, विद्युत परिपथ में प्रयुक्त होने वाला दो टर्मिनल वाला एक प्रमुख अवयव है। यदि दो या दो से अधिक चालकों को एक विद्युतरोधी माध्यम द्वारा अलग करके समीप रखा जाए, तो यह व्यवस्था संधारित्र कहलाती है। इन चालकों पर बराबर तथा विपरीत आवेश होते हैं। विद्युत संधारित्र का उपयोग विद्युत आवेश अथवा स्थिर वैद्युत ऊर्जा का संचय करने के लिए वैद्युत फिल्टर, टी.वी. सेट, कम्प्यूटर, रेडियो सेट आदि में होता है।
C. संधारित्र, विद्युत परिपथ में प्रयुक्त होने वाला दो टर्मिनल वाला एक प्रमुख अवयव है। यदि दो या दो से अधिक चालकों को एक विद्युतरोधी माध्यम द्वारा अलग करके समीप रखा जाए, तो यह व्यवस्था संधारित्र कहलाती है। इन चालकों पर बराबर तथा विपरीत आवेश होते हैं। विद्युत संधारित्र का उपयोग विद्युत आवेश अथवा स्थिर वैद्युत ऊर्जा का संचय करने के लिए वैद्युत फिल्टर, टी.वी. सेट, कम्प्यूटर, रेडियो सेट आदि में होता है।