Correct Answer:
Option C - राजाराम मोहन राय - आत्मीय सभा (1815)
(1772–1833)
देवेन्द्रनाथ टैगोर - तत्त्वबोधिनी सभा (1839),
(1817-1905) आदि ब्रह्म समाज
केशव चन्द्र सेन - साधारण ब्रह्म समाज (भारतीय ब्रह्म
(1838-1884) समाज)
आत्माराम पाण्डुरंग - प्रार्थना समाज (1867)
महागोविन्द रानाडे - पूना सार्वजनिक सभा (1870)
ज्योतिबा फूले - सत्य शोधक समाज (1873)
सर सैय्यद अहमद खान - मोहम्मडन एंग्लो आरियंटल-कॉलेज,अलीगढ़ (1875)
तुलसी राम - राधा स्वामी सत्संग (1861ई.)
(शिव नारायण साहब)
दयानन्द सरस्वती - आर्य समाज 1875
(1824-1883),
लाला हंसराज
विवेकानन्द - रामकृष्ण मिशन (1897)
(1863-1902)
कर्नल ऑल्काट - थियोसोफिकल सोसाइटी
(न्यूर्याक 1875)
गोपाल कृष्ण गोखले - भारतीय सेवक समाज (दि सर्वेन्ट्स
(1866-1915) ऑफ इण्डियन सोसाइटी 1905)
नोट-
(1) गोस्वामी तुलसीदास (1532-1623 ई.) मध्यकालीन सगुण काव्यधारा के राम भक्त संत थे। वह मुगल शासक अकबर तथा जहाँगीर के समकालीन थे।
(2) केशव चन्द्र सेन के अनुयायी शिवनाथ शास्त्री तथा आनन्द मोहन बोस ने 1878 ई. में साधारण ब्रह्म समाज की स्थापना की। इसके प्रमुख अनुयायियों में विपिन चन्द्र पाल, द्वारकानाथ गांगुली तथा सुरेन्द्रनाथ बनर्जी शामिल थे। केशव चन्द्र सेन ने भारतीय ब्रह्म समाज की स्थापना किया था।
C. राजाराम मोहन राय - आत्मीय सभा (1815)
(1772–1833)
देवेन्द्रनाथ टैगोर - तत्त्वबोधिनी सभा (1839),
(1817-1905) आदि ब्रह्म समाज
केशव चन्द्र सेन - साधारण ब्रह्म समाज (भारतीय ब्रह्म
(1838-1884) समाज)
आत्माराम पाण्डुरंग - प्रार्थना समाज (1867)
महागोविन्द रानाडे - पूना सार्वजनिक सभा (1870)
ज्योतिबा फूले - सत्य शोधक समाज (1873)
सर सैय्यद अहमद खान - मोहम्मडन एंग्लो आरियंटल-कॉलेज,अलीगढ़ (1875)
तुलसी राम - राधा स्वामी सत्संग (1861ई.)
(शिव नारायण साहब)
दयानन्द सरस्वती - आर्य समाज 1875
(1824-1883),
लाला हंसराज
विवेकानन्द - रामकृष्ण मिशन (1897)
(1863-1902)
कर्नल ऑल्काट - थियोसोफिकल सोसाइटी
(न्यूर्याक 1875)
गोपाल कृष्ण गोखले - भारतीय सेवक समाज (दि सर्वेन्ट्स
(1866-1915) ऑफ इण्डियन सोसाइटी 1905)
नोट-
(1) गोस्वामी तुलसीदास (1532-1623 ई.) मध्यकालीन सगुण काव्यधारा के राम भक्त संत थे। वह मुगल शासक अकबर तथा जहाँगीर के समकालीन थे।
(2) केशव चन्द्र सेन के अनुयायी शिवनाथ शास्त्री तथा आनन्द मोहन बोस ने 1878 ई. में साधारण ब्रह्म समाज की स्थापना की। इसके प्रमुख अनुयायियों में विपिन चन्द्र पाल, द्वारकानाथ गांगुली तथा सुरेन्द्रनाथ बनर्जी शामिल थे। केशव चन्द्र सेन ने भारतीय ब्रह्म समाज की स्थापना किया था।