Correct Answer:
Option B - खिलाफत आंदोलन के दौरान 1924 ई. में देश में भाई-चारा एवं राष्ट्रीय एकता प्रदर्शित करने के लिए आर्य समाजी नेता स्वामी शृद्धानन्द को दिल्ली के जामा मस्जिद के व्यासपीठ (इमामपीठ) से उपदेश देने के लिए कहा गया एवं एक मुस्लिम नेता डॉ. ‘सैफुद्दीन किचलू’ को अमृतसर के स्वर्ण मंदिर की चाभियाँ दी गई।
B. खिलाफत आंदोलन के दौरान 1924 ई. में देश में भाई-चारा एवं राष्ट्रीय एकता प्रदर्शित करने के लिए आर्य समाजी नेता स्वामी शृद्धानन्द को दिल्ली के जामा मस्जिद के व्यासपीठ (इमामपीठ) से उपदेश देने के लिए कहा गया एवं एक मुस्लिम नेता डॉ. ‘सैफुद्दीन किचलू’ को अमृतसर के स्वर्ण मंदिर की चाभियाँ दी गई।