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  • A. लॉर्ड वेलेजली
  • B. लॉर्ड कार्नवालिस
  • C. लॉर्ड कैनिंग
  • D. लॉर्ड डलहौजी
Correct Answer: Option B - श्री रंगपट्टनम की संधि टीपू सुल्तान तथा लार्ड कार्नवालिस के मध्य तृतीय आंग्ल मैसूर युद्ध के पश्चात् मार्च, 1792 ई. में हुई थी। इस संधि के तहत टीपू सुल्तान ने अपने दो पुत्रों को बंधक के रूप में अंग्रेजों को सौंप दिया और तीन करोड़ रु. युद्ध हर्जाने के रूप में दिये, जो तीन मित्रों (अंग्रेज-निजाम-मराठा) में बराबर बाँट लिये गए।
B. श्री रंगपट्टनम की संधि टीपू सुल्तान तथा लार्ड कार्नवालिस के मध्य तृतीय आंग्ल मैसूर युद्ध के पश्चात् मार्च, 1792 ई. में हुई थी। इस संधि के तहत टीपू सुल्तान ने अपने दो पुत्रों को बंधक के रूप में अंग्रेजों को सौंप दिया और तीन करोड़ रु. युद्ध हर्जाने के रूप में दिये, जो तीन मित्रों (अंग्रेज-निजाम-मराठा) में बराबर बाँट लिये गए।

Explanations:

श्री रंगपट्टनम की संधि टीपू सुल्तान तथा लार्ड कार्नवालिस के मध्य तृतीय आंग्ल मैसूर युद्ध के पश्चात् मार्च, 1792 ई. में हुई थी। इस संधि के तहत टीपू सुल्तान ने अपने दो पुत्रों को बंधक के रूप में अंग्रेजों को सौंप दिया और तीन करोड़ रु. युद्ध हर्जाने के रूप में दिये, जो तीन मित्रों (अंग्रेज-निजाम-मराठा) में बराबर बाँट लिये गए।