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Q: .
  • A. पालक
  • B. नारियल
  • C. बंदगोभी
  • D. सरसों
Correct Answer: Option D - सरसों का पौधा जब छोटा होता है तब उसकी पत्तियों का प्रयोग सब्जी के रूप में किया जाता है तथा जब वह बड़ा हो जाता है तो उसके बीजों से तेल निकालने के लिए प्रयोग किया जाता है। प्रमुख उपयोगी औषधीय पादप पादप उपयोग 1. सर्पगंधा यह रक्तचाप के निदान के लिए प्रयोग होता है यह केवल भारत में ही पाया जाता है। 2. जामुन पके हुए फल से सिरका बनाया जाता है जो कि वायुसारी और मूत्रवर्धक है और इसमें पाचक शक्ति के गुण हैं। बीज से बना पाउडर मधुमेह रोग में उपयोगी। 3. अर्जुन ताजे पत्तों का निकाला हुआ रस कान के दर्द के उपचार में सहायता करता है। यह रक्तचाप की नियमिता के लिए भी लाभदायक है। 4. बबूल इसके पत्ते आँख की फुंसी के लिए लाभदायक हैं। इससे प्राप्त गोंद का प्रयोग शारीरिक शक्ति की वृद्धि के लिए होता है। 5. नीम जैव व जीवाणु प्रतिरोधक है। 6. तुलसी जुकाम व खाँसी की दवा में प्रयोग होता है। 7. कचनार फोड़ा (अल्सर) व दमा रोगों के लिए प्रयोग होता है। इस पौधे की जड़ व कली पाचन शक्ति में सहायता करती है।
D. सरसों का पौधा जब छोटा होता है तब उसकी पत्तियों का प्रयोग सब्जी के रूप में किया जाता है तथा जब वह बड़ा हो जाता है तो उसके बीजों से तेल निकालने के लिए प्रयोग किया जाता है। प्रमुख उपयोगी औषधीय पादप पादप उपयोग 1. सर्पगंधा यह रक्तचाप के निदान के लिए प्रयोग होता है यह केवल भारत में ही पाया जाता है। 2. जामुन पके हुए फल से सिरका बनाया जाता है जो कि वायुसारी और मूत्रवर्धक है और इसमें पाचक शक्ति के गुण हैं। बीज से बना पाउडर मधुमेह रोग में उपयोगी। 3. अर्जुन ताजे पत्तों का निकाला हुआ रस कान के दर्द के उपचार में सहायता करता है। यह रक्तचाप की नियमिता के लिए भी लाभदायक है। 4. बबूल इसके पत्ते आँख की फुंसी के लिए लाभदायक हैं। इससे प्राप्त गोंद का प्रयोग शारीरिक शक्ति की वृद्धि के लिए होता है। 5. नीम जैव व जीवाणु प्रतिरोधक है। 6. तुलसी जुकाम व खाँसी की दवा में प्रयोग होता है। 7. कचनार फोड़ा (अल्सर) व दमा रोगों के लिए प्रयोग होता है। इस पौधे की जड़ व कली पाचन शक्ति में सहायता करती है।

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सरसों का पौधा जब छोटा होता है तब उसकी पत्तियों का प्रयोग सब्जी के रूप में किया जाता है तथा जब वह बड़ा हो जाता है तो उसके बीजों से तेल निकालने के लिए प्रयोग किया जाता है। प्रमुख उपयोगी औषधीय पादप पादप उपयोग 1. सर्पगंधा यह रक्तचाप के निदान के लिए प्रयोग होता है यह केवल भारत में ही पाया जाता है। 2. जामुन पके हुए फल से सिरका बनाया जाता है जो कि वायुसारी और मूत्रवर्धक है और इसमें पाचक शक्ति के गुण हैं। बीज से बना पाउडर मधुमेह रोग में उपयोगी। 3. अर्जुन ताजे पत्तों का निकाला हुआ रस कान के दर्द के उपचार में सहायता करता है। यह रक्तचाप की नियमिता के लिए भी लाभदायक है। 4. बबूल इसके पत्ते आँख की फुंसी के लिए लाभदायक हैं। इससे प्राप्त गोंद का प्रयोग शारीरिक शक्ति की वृद्धि के लिए होता है। 5. नीम जैव व जीवाणु प्रतिरोधक है। 6. तुलसी जुकाम व खाँसी की दवा में प्रयोग होता है। 7. कचनार फोड़ा (अल्सर) व दमा रोगों के लिए प्रयोग होता है। इस पौधे की जड़ व कली पाचन शक्ति में सहायता करती है।