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Q: शयन में संधि है
  • A. अयादि स्वर संधि
  • B. यण स्वर संधि
  • C. गुण स्वर संधि
  • D. वृद्धि स्वर संधि
Correct Answer: Option A - ‘शयन’ में ‘अयादि स्वर संधि’ है। शयन का संधि विच्छेद ‘शे + अन’ होता है। ‘ए’, ‘ऐ’ और ‘ओ’ और ‘औ’ के बाद किसी भी स्वर के होने पर क्रमश: अय्, आय्, अव् और आव् हो जाता है। इसे ‘अयादि संधि’ कहते हैं। उदाहरण- पो + अन - पवन ने + अन - नयन नौ + इक - नाविक
A. ‘शयन’ में ‘अयादि स्वर संधि’ है। शयन का संधि विच्छेद ‘शे + अन’ होता है। ‘ए’, ‘ऐ’ और ‘ओ’ और ‘औ’ के बाद किसी भी स्वर के होने पर क्रमश: अय्, आय्, अव् और आव् हो जाता है। इसे ‘अयादि संधि’ कहते हैं। उदाहरण- पो + अन - पवन ने + अन - नयन नौ + इक - नाविक

Explanations:

‘शयन’ में ‘अयादि स्वर संधि’ है। शयन का संधि विच्छेद ‘शे + अन’ होता है। ‘ए’, ‘ऐ’ और ‘ओ’ और ‘औ’ के बाद किसी भी स्वर के होने पर क्रमश: अय्, आय्, अव् और आव् हो जाता है। इसे ‘अयादि संधि’ कहते हैं। उदाहरण- पो + अन - पवन ने + अन - नयन नौ + इक - नाविक