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Q: .
  • A. 8 मई 1857
  • B. 11 मई 1857
  • C. 10 मई 1857
  • D. 9 मई 1857
Correct Answer: Option C - 29 मार्च, 1857 को बैरकपुर (प० बंगाल) में 34वीं रेजीमेन्ट के सैनिकों ने चर्बी वाले कारतूस का इस्तेमाल करने से मना कर दिया तथा एक सैनिक मंगल पांडे ने अपने सार्जेंट पर हमला कर उसकी हत्या कर दी। फलस्वरुप 8 अप्रैल, 1857 को मंगल पांडे को फाँसी दे दी गई तथा 34वीं पैदल सेना रेजिमेंट को भंग कर दिया गया। 10 मई, 1857 को मेरठ छावनी के सैनिकों ने खुला विद्रोह शुरू कर दिया और अपने अफसरों पर गोलियाँ चलाई और अपने साथियों को मुक्त करा कर दिल्ली की ओर चल दिये।
C. 29 मार्च, 1857 को बैरकपुर (प० बंगाल) में 34वीं रेजीमेन्ट के सैनिकों ने चर्बी वाले कारतूस का इस्तेमाल करने से मना कर दिया तथा एक सैनिक मंगल पांडे ने अपने सार्जेंट पर हमला कर उसकी हत्या कर दी। फलस्वरुप 8 अप्रैल, 1857 को मंगल पांडे को फाँसी दे दी गई तथा 34वीं पैदल सेना रेजिमेंट को भंग कर दिया गया। 10 मई, 1857 को मेरठ छावनी के सैनिकों ने खुला विद्रोह शुरू कर दिया और अपने अफसरों पर गोलियाँ चलाई और अपने साथियों को मुक्त करा कर दिल्ली की ओर चल दिये।

Explanations:

29 मार्च, 1857 को बैरकपुर (प० बंगाल) में 34वीं रेजीमेन्ट के सैनिकों ने चर्बी वाले कारतूस का इस्तेमाल करने से मना कर दिया तथा एक सैनिक मंगल पांडे ने अपने सार्जेंट पर हमला कर उसकी हत्या कर दी। फलस्वरुप 8 अप्रैल, 1857 को मंगल पांडे को फाँसी दे दी गई तथा 34वीं पैदल सेना रेजिमेंट को भंग कर दिया गया। 10 मई, 1857 को मेरठ छावनी के सैनिकों ने खुला विद्रोह शुरू कर दिया और अपने अफसरों पर गोलियाँ चलाई और अपने साथियों को मुक्त करा कर दिल्ली की ओर चल दिये।