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Q: .
  • A. अन्य धर्म के व्यक्ति को मारने के कारण
  • B. पठान द्वारा किए जाने वाले अपमान के बदले के कारण
  • C. घर छूटने के डर का प्रभाव
  • D. विभाजन की विभीषिका का प्रभाव
Correct Answer: Option D - ‘अमृतसर आ गया’ कहानी में बाबू की मुस्कान ‘वीभत्स’ होने के पीछे का कारण विभाजन की विभीषिका का प्रभाव हो सकता है। • ‘अमृतसर आ गया’ कहानी के लेखक भीष्मसाहनी हैं। यह कहानी भारत के विभाजन के दौरान की घटनाओं पर आधारित है। इस कहानी में शरणार्थियों के एक समूह की यात्रा का जिक्र है, जो पाकिस्तान से भारत के सीमावर्ती शहर अमृतसर की ओर जा रहे हैं। इस यात्रा के दौरान वे जो भयावहता और विनाश देखते हैं, उसका वर्णन इसमें मिलता है। भीष्म साहनी के प्रमुख कहानी संग्रह - भाग्य रेखा (1953 ई.), पहला पाठ (1957 ई.), भटकती राख (1966 ई.), पटरियाँ (1973 ई.), वाङ्चू (1978 ई.), शोभायात्रा (1981 ई.), निशाचर (1983 ई.), पाली (1989 ई.), डायन (1998 ई.) हैं।
D. ‘अमृतसर आ गया’ कहानी में बाबू की मुस्कान ‘वीभत्स’ होने के पीछे का कारण विभाजन की विभीषिका का प्रभाव हो सकता है। • ‘अमृतसर आ गया’ कहानी के लेखक भीष्मसाहनी हैं। यह कहानी भारत के विभाजन के दौरान की घटनाओं पर आधारित है। इस कहानी में शरणार्थियों के एक समूह की यात्रा का जिक्र है, जो पाकिस्तान से भारत के सीमावर्ती शहर अमृतसर की ओर जा रहे हैं। इस यात्रा के दौरान वे जो भयावहता और विनाश देखते हैं, उसका वर्णन इसमें मिलता है। भीष्म साहनी के प्रमुख कहानी संग्रह - भाग्य रेखा (1953 ई.), पहला पाठ (1957 ई.), भटकती राख (1966 ई.), पटरियाँ (1973 ई.), वाङ्चू (1978 ई.), शोभायात्रा (1981 ई.), निशाचर (1983 ई.), पाली (1989 ई.), डायन (1998 ई.) हैं।

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‘अमृतसर आ गया’ कहानी में बाबू की मुस्कान ‘वीभत्स’ होने के पीछे का कारण विभाजन की विभीषिका का प्रभाव हो सकता है। • ‘अमृतसर आ गया’ कहानी के लेखक भीष्मसाहनी हैं। यह कहानी भारत के विभाजन के दौरान की घटनाओं पर आधारित है। इस कहानी में शरणार्थियों के एक समूह की यात्रा का जिक्र है, जो पाकिस्तान से भारत के सीमावर्ती शहर अमृतसर की ओर जा रहे हैं। इस यात्रा के दौरान वे जो भयावहता और विनाश देखते हैं, उसका वर्णन इसमें मिलता है। भीष्म साहनी के प्रमुख कहानी संग्रह - भाग्य रेखा (1953 ई.), पहला पाठ (1957 ई.), भटकती राख (1966 ई.), पटरियाँ (1973 ई.), वाङ्चू (1978 ई.), शोभायात्रा (1981 ई.), निशाचर (1983 ई.), पाली (1989 ई.), डायन (1998 ई.) हैं।