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Q: तर्कभाषा में कारणों की संख्या है
  • A. पांच
  • B. तीन
  • C. नव
  • D. सात
Correct Answer: Option B - तर्कभाषा में कारणों की संख्या तीन है। कारण - यस्य कार्यात् पूर्वभावो नियतोऽनन्यथासिद्धश्च तत्कारणम्। अर्थात् - जिसकी सत्ता कार्य से पूर्व निश्चित हो और जो अन्यथा सिद्ध न हो उसे कारण कहते हैं। कारण तीन प्रकार के होते हैं- समवायिकरण - ‘यत्समवेतं कार्यमुत्पद्यते तत्समवायिकारणम्’ यथा- तन्तु पट का समवायिकारण है। असमवायिकरण-‘यत्समवायिकरणप्रत्यासन्नमवधृतसामर्थ्य तदसमवायिकारणं’- तन्तुसंयोग पट का असमवायिकारण है। निमित्तकारण - ‘यन्न समवायिकारणं नाप्यसमवायिकारणम् अथ च कारणं तन्निमित्तकारणम् यथा- वेम पट का निमित्त कारण है।
B. तर्कभाषा में कारणों की संख्या तीन है। कारण - यस्य कार्यात् पूर्वभावो नियतोऽनन्यथासिद्धश्च तत्कारणम्। अर्थात् - जिसकी सत्ता कार्य से पूर्व निश्चित हो और जो अन्यथा सिद्ध न हो उसे कारण कहते हैं। कारण तीन प्रकार के होते हैं- समवायिकरण - ‘यत्समवेतं कार्यमुत्पद्यते तत्समवायिकारणम्’ यथा- तन्तु पट का समवायिकारण है। असमवायिकरण-‘यत्समवायिकरणप्रत्यासन्नमवधृतसामर्थ्य तदसमवायिकारणं’- तन्तुसंयोग पट का असमवायिकारण है। निमित्तकारण - ‘यन्न समवायिकारणं नाप्यसमवायिकारणम् अथ च कारणं तन्निमित्तकारणम् यथा- वेम पट का निमित्त कारण है।

Explanations:

तर्कभाषा में कारणों की संख्या तीन है। कारण - यस्य कार्यात् पूर्वभावो नियतोऽनन्यथासिद्धश्च तत्कारणम्। अर्थात् - जिसकी सत्ता कार्य से पूर्व निश्चित हो और जो अन्यथा सिद्ध न हो उसे कारण कहते हैं। कारण तीन प्रकार के होते हैं- समवायिकरण - ‘यत्समवेतं कार्यमुत्पद्यते तत्समवायिकारणम्’ यथा- तन्तु पट का समवायिकारण है। असमवायिकरण-‘यत्समवायिकरणप्रत्यासन्नमवधृतसामर्थ्य तदसमवायिकारणं’- तन्तुसंयोग पट का असमवायिकारण है। निमित्तकारण - ‘यन्न समवायिकारणं नाप्यसमवायिकारणम् अथ च कारणं तन्निमित्तकारणम् यथा- वेम पट का निमित्त कारण है।