Correct Answer:
Option A - महेन्द्र का संधि-विच्छेद ‘महा + इन्द्र’ है, जो गुण स्वर संधि का प्रकार है। यदि ‘अ’ या ‘आ’ के बाद ‘इ’ या ‘ई’, ‘उ’ या ‘ऊ’ और ‘ऋ’ आये, तो दोनों मिलकर क्रमश: ‘ए’, ‘ओ’ और ‘अर्’ हो जाते हैं।
A. महेन्द्र का संधि-विच्छेद ‘महा + इन्द्र’ है, जो गुण स्वर संधि का प्रकार है। यदि ‘अ’ या ‘आ’ के बाद ‘इ’ या ‘ई’, ‘उ’ या ‘ऊ’ और ‘ऋ’ आये, तो दोनों मिलकर क्रमश: ‘ए’, ‘ओ’ और ‘अर्’ हो जाते हैं।