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Q: .
  • A. इसका स्वरूप व्यक्तिगत पत्र के समान होता है।
  • B. यह पत्र अन्य पुरुष में लिखा जाता है।
  • C. औपचारिक शब्दों से आरंभ करने की आवश्यकता नहीं होती।
  • D. प्राय: समान स्तर क अधिकारी के साथ ऐसा पत्र व्यवहार होता है।
Correct Answer: Option B - किसी सरकारी अधिकारी द्वारा अन्य सरकारी अधिकारी/कर्मचारी/गैर सरकारी व्यक्ति को सरकारी कार्य के संदर्भ में किसी खास मामले की ओर ध्यान आकर्षित कराने, विचार-विमर्श, सहमति, स्पष्टीकरण, सूचनाओं के आदान-प्रदान करने आदि हेतु व्यक्तिगत स्तर पर लिखा गया पत्र ‘अर्द्ध-सरकारी पत्र’ कहलाता है। अर्द्धसरकारी पत्र उत्तम पुरुष (प्रथम पुरुष) में मित्रतापूर्ण भाषा में लिखा जाता है। इसमें अभिवादन तथा संबोधन का विशेष महत्व होता है।
B. किसी सरकारी अधिकारी द्वारा अन्य सरकारी अधिकारी/कर्मचारी/गैर सरकारी व्यक्ति को सरकारी कार्य के संदर्भ में किसी खास मामले की ओर ध्यान आकर्षित कराने, विचार-विमर्श, सहमति, स्पष्टीकरण, सूचनाओं के आदान-प्रदान करने आदि हेतु व्यक्तिगत स्तर पर लिखा गया पत्र ‘अर्द्ध-सरकारी पत्र’ कहलाता है। अर्द्धसरकारी पत्र उत्तम पुरुष (प्रथम पुरुष) में मित्रतापूर्ण भाषा में लिखा जाता है। इसमें अभिवादन तथा संबोधन का विशेष महत्व होता है।

Explanations:

किसी सरकारी अधिकारी द्वारा अन्य सरकारी अधिकारी/कर्मचारी/गैर सरकारी व्यक्ति को सरकारी कार्य के संदर्भ में किसी खास मामले की ओर ध्यान आकर्षित कराने, विचार-विमर्श, सहमति, स्पष्टीकरण, सूचनाओं के आदान-प्रदान करने आदि हेतु व्यक्तिगत स्तर पर लिखा गया पत्र ‘अर्द्ध-सरकारी पत्र’ कहलाता है। अर्द्धसरकारी पत्र उत्तम पुरुष (प्रथम पुरुष) में मित्रतापूर्ण भाषा में लिखा जाता है। इसमें अभिवादन तथा संबोधन का विशेष महत्व होता है।