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  • A. अरविंद
  • B. कृपी
  • C. अश्वत्थामा
  • D. अनुराधा
Correct Answer: Option B - ‘एक और द्रोणाचार्य’ नाटक के अन्तर्गत ‘कृपी’ पात्र लीला का समरुपी है। ⇒ ‘एक और द्रोणाचार्य’ वर्ष 1977 में प्रकाशित शंकर शेष का नाटक है। दो भागों में विभाजित यह नाटक पौराणिक कथा महाभारत के माध्यम से आज की शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार को रेखांकित करता हुआ इसे प्राचीन परम्परा से जोड़ता है। यह नाटक मूल रूप से आधुनिक शिक्षा व्यवस्था में फैले भ्रष्टाचार, पक्षपात्, राजनीतिक घुसपैठ आदि समस्याओं को रेखांकित करता है। इस नाटक में पुराने कथानक द्वारा आधुनिक समस्याओं का समाधान ढूंढा गया है। ‘एक और द्रोणाचार्य’ नाटक के पात्र:- अरविन्द (एक मध्यवर्गीय प्राइवेट कॉलेज का अध्यापक), लीला (अरविन्द की पत्नी), यदु, प्रसिडेंट, राजकुमार, प्रिंसिपल, विमलेन्दु, चंदू, अनुराधा, सुदीप महाभारत कालीन पात्र- द्रोणाचार्य, कृपी (द्रोण की पत्नी), अश्वत्थामा, द्रुपद, भीष्म, अर्जुन, एकलव्य, युधिष्ठिर, धृष्टद्युम्न, सैनिक।
B. ‘एक और द्रोणाचार्य’ नाटक के अन्तर्गत ‘कृपी’ पात्र लीला का समरुपी है। ⇒ ‘एक और द्रोणाचार्य’ वर्ष 1977 में प्रकाशित शंकर शेष का नाटक है। दो भागों में विभाजित यह नाटक पौराणिक कथा महाभारत के माध्यम से आज की शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार को रेखांकित करता हुआ इसे प्राचीन परम्परा से जोड़ता है। यह नाटक मूल रूप से आधुनिक शिक्षा व्यवस्था में फैले भ्रष्टाचार, पक्षपात्, राजनीतिक घुसपैठ आदि समस्याओं को रेखांकित करता है। इस नाटक में पुराने कथानक द्वारा आधुनिक समस्याओं का समाधान ढूंढा गया है। ‘एक और द्रोणाचार्य’ नाटक के पात्र:- अरविन्द (एक मध्यवर्गीय प्राइवेट कॉलेज का अध्यापक), लीला (अरविन्द की पत्नी), यदु, प्रसिडेंट, राजकुमार, प्रिंसिपल, विमलेन्दु, चंदू, अनुराधा, सुदीप महाभारत कालीन पात्र- द्रोणाचार्य, कृपी (द्रोण की पत्नी), अश्वत्थामा, द्रुपद, भीष्म, अर्जुन, एकलव्य, युधिष्ठिर, धृष्टद्युम्न, सैनिक।

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‘एक और द्रोणाचार्य’ नाटक के अन्तर्गत ‘कृपी’ पात्र लीला का समरुपी है। ⇒ ‘एक और द्रोणाचार्य’ वर्ष 1977 में प्रकाशित शंकर शेष का नाटक है। दो भागों में विभाजित यह नाटक पौराणिक कथा महाभारत के माध्यम से आज की शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार को रेखांकित करता हुआ इसे प्राचीन परम्परा से जोड़ता है। यह नाटक मूल रूप से आधुनिक शिक्षा व्यवस्था में फैले भ्रष्टाचार, पक्षपात्, राजनीतिक घुसपैठ आदि समस्याओं को रेखांकित करता है। इस नाटक में पुराने कथानक द्वारा आधुनिक समस्याओं का समाधान ढूंढा गया है। ‘एक और द्रोणाचार्य’ नाटक के पात्र:- अरविन्द (एक मध्यवर्गीय प्राइवेट कॉलेज का अध्यापक), लीला (अरविन्द की पत्नी), यदु, प्रसिडेंट, राजकुमार, प्रिंसिपल, विमलेन्दु, चंदू, अनुराधा, सुदीप महाभारत कालीन पात्र- द्रोणाचार्य, कृपी (द्रोण की पत्नी), अश्वत्थामा, द्रुपद, भीष्म, अर्जुन, एकलव्य, युधिष्ठिर, धृष्टद्युम्न, सैनिक।