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Q: .
  • A. चंद्रगुप्त विक्रमादित्य
  • B. चंद्रगुप्त मौर्य
  • C. कनिष्क
  • D. अकबर
Correct Answer: Option B - मौर्य काल में नगरपालिका प्रशासन की विस्तृत प्रणाली की स्थापना का श्रेय चन्द्रगुप्त मौर्य को दिया जाता है। नगर शासन के लिए एक सभा होती थी, जिसका प्रमुख ‘नागरक’ अथवा ‘पुरमुख्य’ होता था। मेगस्थनीज ने पाटलिपुत्र के नगर-परिषद की पाँच-पाँच सदस्यों वाली छ: समितियों का उल्लेख किया है। महत्वपूर्ण तथ्य- प्रथम समिति - औद्योगिक कलाओं तथा कारीगरों का निरीक्षण करती थी। द्वितीय समिति -विदेशी यात्रियों का भोजन, निवास, चिकित्सा का प्रबन्ध करती थी। तृतीय समिति - जनगणना का हिसाब रखती थी। चतुर्थ समिति - नगर के व्यापार वाणिज्य की देख-रेख करती थी। पाँचवी समिति -उद्योग समिति थीr जो वस्तुओं में मिलावट को रोकती थी। छठी समिति - कर समिति थी जिसका काम क्रय-विक्रय की वस्तुओं पर कर वसूलना था।
B. मौर्य काल में नगरपालिका प्रशासन की विस्तृत प्रणाली की स्थापना का श्रेय चन्द्रगुप्त मौर्य को दिया जाता है। नगर शासन के लिए एक सभा होती थी, जिसका प्रमुख ‘नागरक’ अथवा ‘पुरमुख्य’ होता था। मेगस्थनीज ने पाटलिपुत्र के नगर-परिषद की पाँच-पाँच सदस्यों वाली छ: समितियों का उल्लेख किया है। महत्वपूर्ण तथ्य- प्रथम समिति - औद्योगिक कलाओं तथा कारीगरों का निरीक्षण करती थी। द्वितीय समिति -विदेशी यात्रियों का भोजन, निवास, चिकित्सा का प्रबन्ध करती थी। तृतीय समिति - जनगणना का हिसाब रखती थी। चतुर्थ समिति - नगर के व्यापार वाणिज्य की देख-रेख करती थी। पाँचवी समिति -उद्योग समिति थीr जो वस्तुओं में मिलावट को रोकती थी। छठी समिति - कर समिति थी जिसका काम क्रय-विक्रय की वस्तुओं पर कर वसूलना था।

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मौर्य काल में नगरपालिका प्रशासन की विस्तृत प्रणाली की स्थापना का श्रेय चन्द्रगुप्त मौर्य को दिया जाता है। नगर शासन के लिए एक सभा होती थी, जिसका प्रमुख ‘नागरक’ अथवा ‘पुरमुख्य’ होता था। मेगस्थनीज ने पाटलिपुत्र के नगर-परिषद की पाँच-पाँच सदस्यों वाली छ: समितियों का उल्लेख किया है। महत्वपूर्ण तथ्य- प्रथम समिति - औद्योगिक कलाओं तथा कारीगरों का निरीक्षण करती थी। द्वितीय समिति -विदेशी यात्रियों का भोजन, निवास, चिकित्सा का प्रबन्ध करती थी। तृतीय समिति - जनगणना का हिसाब रखती थी। चतुर्थ समिति - नगर के व्यापार वाणिज्य की देख-रेख करती थी। पाँचवी समिति -उद्योग समिति थीr जो वस्तुओं में मिलावट को रोकती थी। छठी समिति - कर समिति थी जिसका काम क्रय-विक्रय की वस्तुओं पर कर वसूलना था।