Correct Answer:
Option B - ‘प्रणम्य’ इत्यस्मिन् पदे ल्यप् कृदन्तप्रत्यय: युक्त:।
‘प्रणम्य’ पद में ल्यप् प्रत्यय है। ल्यप् प्रत्यय कर या करके अर्थ में प्रयुक्त होता है। ल्यप् का ‘य’ शेष बचता है। यदि धातु से पहले उपसर्ग हो तो ल्यप् प्रत्यय होता है।
प्रणम्य
प्र + नम् + ल्यप्
शानच् – अधीयमान:, आसीन:
शत् – गच्छन् , पठन्
क्त्वा – भूत्वा, गत्वा
B. ‘प्रणम्य’ इत्यस्मिन् पदे ल्यप् कृदन्तप्रत्यय: युक्त:।
‘प्रणम्य’ पद में ल्यप् प्रत्यय है। ल्यप् प्रत्यय कर या करके अर्थ में प्रयुक्त होता है। ल्यप् का ‘य’ शेष बचता है। यदि धातु से पहले उपसर्ग हो तो ल्यप् प्रत्यय होता है।
प्रणम्य
प्र + नम् + ल्यप्
शानच् – अधीयमान:, आसीन:
शत् – गच्छन् , पठन्
क्त्वा – भूत्वा, गत्वा