Correct Answer:
Option D - ‘‘अब के जाड़े में यह आम खूब फलेगा। चाचा-भतीजा दोनों यहीं बैठकर आम खाना। जितना बड़ा तेरा भतीजा है उतना ही यह आम।’’ यह कथन ‘उसने कहा था’ कहानी से लिया गया है।
• चंद्रधर शर्मा गुलेरी’ कृत उसने कहा था (1915ई.) प्रथम विश्व युद्ध की पृष्ठभूमि पर लिखी गई प्रथम प्रेम कहानी है।
कहानी के प्रमुख पात्र - लहना सिंह, हजारा सिंह, सूबेदार, सुबेदारिनी, वजीरा सिंह आदि।
सुखमय जीवन, बुद्धू का काँटा ‘गुलेरी’ जी अन्य कहानियाँ हैं।
आकाशदीप (1929ई.) जयशंकर प्रसाद की, सिक्का बदल गया (1948ई.) कृष्णा सोबती की तथा पिता (1965ई.) ज्ञान रंजन’ की कहानी है।
D. ‘‘अब के जाड़े में यह आम खूब फलेगा। चाचा-भतीजा दोनों यहीं बैठकर आम खाना। जितना बड़ा तेरा भतीजा है उतना ही यह आम।’’ यह कथन ‘उसने कहा था’ कहानी से लिया गया है।
• चंद्रधर शर्मा गुलेरी’ कृत उसने कहा था (1915ई.) प्रथम विश्व युद्ध की पृष्ठभूमि पर लिखी गई प्रथम प्रेम कहानी है।
कहानी के प्रमुख पात्र - लहना सिंह, हजारा सिंह, सूबेदार, सुबेदारिनी, वजीरा सिंह आदि।
सुखमय जीवन, बुद्धू का काँटा ‘गुलेरी’ जी अन्य कहानियाँ हैं।
आकाशदीप (1929ई.) जयशंकर प्रसाद की, सिक्का बदल गया (1948ई.) कृष्णा सोबती की तथा पिता (1965ई.) ज्ञान रंजन’ की कहानी है।