Correct Answer:
Option C - ‘रीति सुभाषा कवित्त की बरनत बुध अनुसार - चिंतामणि’,
‘अपनी अपनी रीति के काव्य और कवि रीति - देव’ युग्म सही है।
⇒ ‘सुकविन हूँ की कछु कृपा समुझि कविन को पंथ’ भूषण का कथन है।
⇒ ‘काव्य की रीति सिखी सुखबीन सो देखी सुनी बहुलोक की बातें’’ भिखारी दास की पंक्ति है।
⇒ ‘सो विश्रब्ध नवौढ़ यों, बरनत कवि रसरीति- मतिराम का कथन है।
C. ‘रीति सुभाषा कवित्त की बरनत बुध अनुसार - चिंतामणि’,
‘अपनी अपनी रीति के काव्य और कवि रीति - देव’ युग्म सही है।
⇒ ‘सुकविन हूँ की कछु कृपा समुझि कविन को पंथ’ भूषण का कथन है।
⇒ ‘काव्य की रीति सिखी सुखबीन सो देखी सुनी बहुलोक की बातें’’ भिखारी दास की पंक्ति है।
⇒ ‘सो विश्रब्ध नवौढ़ यों, बरनत कवि रसरीति- मतिराम का कथन है।