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Q: .
  • A. प्रिंट हेड से गर्मी
  • B. लेजर बीम
  • C. मैनुअल समायोजन
  • D. स्याही कर अनुप्रयोग
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option B - लेजर प्रिंटर में एक फोटोकॉन्डक्टिन ड्रम होता है जो घूमता है। यह ड्रम शुरूआत में एक समान चार्ज से आवेशित किया जाता है। फिर एक लेजर बीम ड्रम पर उस स्थानों को डिसचार्ज करता है जहाँ पर इमेज या टेक्स्ट प्रिंट करना होता है। इस प्रक्रिया से ड्रम पर एक विद्युत छवि (electrostatic image) बनती है, जिसे टोनर आकर्षित करता है और बाद में यह टोनर कागज पर स्थानांतरित और फ्यूज किया जाता है। इसलिए घूमते हुए ड्रम पर चार्ज वितरण लेजर बीम द्वारा बनाया जाता है।
B. लेजर प्रिंटर में एक फोटोकॉन्डक्टिन ड्रम होता है जो घूमता है। यह ड्रम शुरूआत में एक समान चार्ज से आवेशित किया जाता है। फिर एक लेजर बीम ड्रम पर उस स्थानों को डिसचार्ज करता है जहाँ पर इमेज या टेक्स्ट प्रिंट करना होता है। इस प्रक्रिया से ड्रम पर एक विद्युत छवि (electrostatic image) बनती है, जिसे टोनर आकर्षित करता है और बाद में यह टोनर कागज पर स्थानांतरित और फ्यूज किया जाता है। इसलिए घूमते हुए ड्रम पर चार्ज वितरण लेजर बीम द्वारा बनाया जाता है।

Explanations:

लेजर प्रिंटर में एक फोटोकॉन्डक्टिन ड्रम होता है जो घूमता है। यह ड्रम शुरूआत में एक समान चार्ज से आवेशित किया जाता है। फिर एक लेजर बीम ड्रम पर उस स्थानों को डिसचार्ज करता है जहाँ पर इमेज या टेक्स्ट प्रिंट करना होता है। इस प्रक्रिया से ड्रम पर एक विद्युत छवि (electrostatic image) बनती है, जिसे टोनर आकर्षित करता है और बाद में यह टोनर कागज पर स्थानांतरित और फ्यूज किया जाता है। इसलिए घूमते हुए ड्रम पर चार्ज वितरण लेजर बीम द्वारा बनाया जाता है।