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Q: What is the purpose of a super-passage in irrigation engineering? सिंचाई अभियांत्रिकी में उध्र्वलंघक का उद्देश्य क्या है?
  • A. To cross the canal below the natural stream/प्राकृतिक धारा के नीचे नहर को पार कराना।
  • B. To divert the water from the river to the canal/नदी से पानी को नहर की तरफ मोड़ना।
  • C. To cross the natural stream at relatively same level/प्राकृतिक धारा को अपेक्षाकृत समान स्तर पर पार करना।
  • D. To cross the canal over the natural stream प्राकृतिक धारा के ऊपर से नहर पार करना।
Correct Answer: Option A - ऊर्धलंघक (Super passage)– जब सिंचाई नहर का आधार तल, नदी-नाले की तली से काफी नीचा होता है तो नहर को नाले के नीचे से निकाल दिया जाता है। इसके लिए जो निर्माण किया जाता है, उसे ऊर्धलंघक कहते हैं। ऊर्धलंघक में नहर तथा नाले के पानी को आपस में मिलने नहीं दिया जाता है। ■ जलसेतु (Aqueduct)– जब सिंचाई नहर का आधार तल नदी नाले की तली से पर्याप्त ऊँचा होता है, तो नहर को किसी सड़क की भांति नाले के ऊपर से ले जाया जाता है। इस निर्माण को जलसेतु कहते हैं।
A. ऊर्धलंघक (Super passage)– जब सिंचाई नहर का आधार तल, नदी-नाले की तली से काफी नीचा होता है तो नहर को नाले के नीचे से निकाल दिया जाता है। इसके लिए जो निर्माण किया जाता है, उसे ऊर्धलंघक कहते हैं। ऊर्धलंघक में नहर तथा नाले के पानी को आपस में मिलने नहीं दिया जाता है। ■ जलसेतु (Aqueduct)– जब सिंचाई नहर का आधार तल नदी नाले की तली से पर्याप्त ऊँचा होता है, तो नहर को किसी सड़क की भांति नाले के ऊपर से ले जाया जाता है। इस निर्माण को जलसेतु कहते हैं।

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ऊर्धलंघक (Super passage)– जब सिंचाई नहर का आधार तल, नदी-नाले की तली से काफी नीचा होता है तो नहर को नाले के नीचे से निकाल दिया जाता है। इसके लिए जो निर्माण किया जाता है, उसे ऊर्धलंघक कहते हैं। ऊर्धलंघक में नहर तथा नाले के पानी को आपस में मिलने नहीं दिया जाता है। ■ जलसेतु (Aqueduct)– जब सिंचाई नहर का आधार तल नदी नाले की तली से पर्याप्त ऊँचा होता है, तो नहर को किसी सड़क की भांति नाले के ऊपर से ले जाया जाता है। इस निर्माण को जलसेतु कहते हैं।