Correct Answer:
Option A - झारखण्ड क्षेत्र में उलगुलान विद्रोह के नायक बिरसा मुण्डा थे। बिरसा का जन्म 15 नवम्बर 1874 ई. को छोटानागपुर प्रमंडल के तमाड़ थानान्तर्गत उलिहातु गाँव के क्षेत्र चलकद में हुआ था। 1895 में बिरसा ने अपने अनुयायियों से आह्रान किया कि वे अपने गौरवपूर्ण अतीत को पुनर्जीवित करने के लिए संकल्प लें। उसने अपने आपको भगवान का अवतार घोषित किया और अंग्रेजी शासन का अंत करने का बीड़ा उठा लिया। इसके लिए उसने मुंडाओं को आदर्श एवं पवित्र जीवन जीने का संदेश दिया। 1900 में बिरसा की हैजे से मृत्यु हो गई और आन्दोलन ठंडा पड़ गया।
A. झारखण्ड क्षेत्र में उलगुलान विद्रोह के नायक बिरसा मुण्डा थे। बिरसा का जन्म 15 नवम्बर 1874 ई. को छोटानागपुर प्रमंडल के तमाड़ थानान्तर्गत उलिहातु गाँव के क्षेत्र चलकद में हुआ था। 1895 में बिरसा ने अपने अनुयायियों से आह्रान किया कि वे अपने गौरवपूर्ण अतीत को पुनर्जीवित करने के लिए संकल्प लें। उसने अपने आपको भगवान का अवतार घोषित किया और अंग्रेजी शासन का अंत करने का बीड़ा उठा लिया। इसके लिए उसने मुंडाओं को आदर्श एवं पवित्र जीवन जीने का संदेश दिया। 1900 में बिरसा की हैजे से मृत्यु हो गई और आन्दोलन ठंडा पड़ गया।