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Q: .
  • A. कनैला
  • B. टड़िया
  • C. धरमपुर
  • D. दौलताबाद
Correct Answer: Option C - ‘मुर्दहिया’ धरमपुर (आजमगढ़) गाँव की बहुउद्देशीय कर्मस्थली थी। • तुलसीराम कृत मुर्दहिया (2010 ई.) दलित आत्मकथा है। इसका दूसरा भाग – मणिर्किणका (2014 ई.) है। • संभवत: यह हिन्दी की पहली आत्मकथा है जिसमें केवल दलित ही नहीं अपितु गाँव का सम्पूर्ण लोक जीवन ही केन्द्र में है। • डॉ. तुलसीराम ने अपनी इस आत्मकथा को सात उपशीर्षकों के माध्यम से अपने जीवन की एक-एक पड़ाव को पाठकों के सामने रख दिया है। जो निम्नलिखित है – 1. भुतही पारिवारिक पृष्ठ भूमि 2. मुर्दहिया तथा स्कूली जीवन 3. अकाल में अंध विश्वास 4. मुर्दहिया के गिद्ध तथा लोक जीवन 5. भूतनिया नागिन 6. चले बुद्ध की राह 7. आजमगढ़ में फाकाकशी प्रमुख पात्र–धीरज, जूठन, मुसड़िया, सोम्मर, मुन्नेसर, नग्गर काका, मुंशी रामसूरत, परशुराम सिंह, सुग्रीव सिंह, देवराज सिंह आदि।
C. ‘मुर्दहिया’ धरमपुर (आजमगढ़) गाँव की बहुउद्देशीय कर्मस्थली थी। • तुलसीराम कृत मुर्दहिया (2010 ई.) दलित आत्मकथा है। इसका दूसरा भाग – मणिर्किणका (2014 ई.) है। • संभवत: यह हिन्दी की पहली आत्मकथा है जिसमें केवल दलित ही नहीं अपितु गाँव का सम्पूर्ण लोक जीवन ही केन्द्र में है। • डॉ. तुलसीराम ने अपनी इस आत्मकथा को सात उपशीर्षकों के माध्यम से अपने जीवन की एक-एक पड़ाव को पाठकों के सामने रख दिया है। जो निम्नलिखित है – 1. भुतही पारिवारिक पृष्ठ भूमि 2. मुर्दहिया तथा स्कूली जीवन 3. अकाल में अंध विश्वास 4. मुर्दहिया के गिद्ध तथा लोक जीवन 5. भूतनिया नागिन 6. चले बुद्ध की राह 7. आजमगढ़ में फाकाकशी प्रमुख पात्र–धीरज, जूठन, मुसड़िया, सोम्मर, मुन्नेसर, नग्गर काका, मुंशी रामसूरत, परशुराम सिंह, सुग्रीव सिंह, देवराज सिंह आदि।

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‘मुर्दहिया’ धरमपुर (आजमगढ़) गाँव की बहुउद्देशीय कर्मस्थली थी। • तुलसीराम कृत मुर्दहिया (2010 ई.) दलित आत्मकथा है। इसका दूसरा भाग – मणिर्किणका (2014 ई.) है। • संभवत: यह हिन्दी की पहली आत्मकथा है जिसमें केवल दलित ही नहीं अपितु गाँव का सम्पूर्ण लोक जीवन ही केन्द्र में है। • डॉ. तुलसीराम ने अपनी इस आत्मकथा को सात उपशीर्षकों के माध्यम से अपने जीवन की एक-एक पड़ाव को पाठकों के सामने रख दिया है। जो निम्नलिखित है – 1. भुतही पारिवारिक पृष्ठ भूमि 2. मुर्दहिया तथा स्कूली जीवन 3. अकाल में अंध विश्वास 4. मुर्दहिया के गिद्ध तथा लोक जीवन 5. भूतनिया नागिन 6. चले बुद्ध की राह 7. आजमगढ़ में फाकाकशी प्रमुख पात्र–धीरज, जूठन, मुसड़िया, सोम्मर, मुन्नेसर, नग्गर काका, मुंशी रामसूरत, परशुराम सिंह, सुग्रीव सिंह, देवराज सिंह आदि।