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Q: .
  • A. विद्यापति
  • B. नवल किशोर सिंह
  • C. रोशनआरा
  • D. भिखारी ठाकुर
Correct Answer: Option D - ‘बिदेशिया’ नृत्य की रचना भिखारी ठाकुर द्वारा की गयी है। यह नाटक का एक लोकप्रिय रूप है, जो 20वीं शताब्दी के लोक रंग मंच में उत्पन्न हुआ। बिहार के भोजपुरी-भाषी क्षेत्र में इसका प्रचलन अधिक देखा जाता है। बिदेशिया की कला शैली हिन्दू जाति प्रथा की तथा कथित निचली जाति से संबंधित था। इस कला शैली का सार समाज की बुराइयों पर प्रकाश डालना है।
D. ‘बिदेशिया’ नृत्य की रचना भिखारी ठाकुर द्वारा की गयी है। यह नाटक का एक लोकप्रिय रूप है, जो 20वीं शताब्दी के लोक रंग मंच में उत्पन्न हुआ। बिहार के भोजपुरी-भाषी क्षेत्र में इसका प्रचलन अधिक देखा जाता है। बिदेशिया की कला शैली हिन्दू जाति प्रथा की तथा कथित निचली जाति से संबंधित था। इस कला शैली का सार समाज की बुराइयों पर प्रकाश डालना है।

Explanations:

‘बिदेशिया’ नृत्य की रचना भिखारी ठाकुर द्वारा की गयी है। यह नाटक का एक लोकप्रिय रूप है, जो 20वीं शताब्दी के लोक रंग मंच में उत्पन्न हुआ। बिहार के भोजपुरी-भाषी क्षेत्र में इसका प्रचलन अधिक देखा जाता है। बिदेशिया की कला शैली हिन्दू जाति प्रथा की तथा कथित निचली जाति से संबंधित था। इस कला शैली का सार समाज की बुराइयों पर प्रकाश डालना है।