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Q: .
  • A. केवल A, D, E
  • B. केवल B, C, E
  • C. केवल A, B, C
  • D. केवल A, C, E
Correct Answer: Option C - ब्रह्मराक्षस, भूरी-भूरी खाक धूल, भूल गलती, चाँद का मुँह टेढ़ा है, अंधेरे में, ब्रह्मराक्षस, अंत:करण का आयतन आदि गजानन माधव मुक्तिबोध की कविताएँ हैं जबकि टूटने का सुख, कमल के फूल, सतपुड़ा के जंगल, वाणी की दीनता, गीत फरोश आदि भवानी प्रसाद मिश्र की कविताएँ हैं तथा भग्नदूत, चिन्ता, इत्यलम्, हरी घास पर क्षणभर, बावरा अहेरी, इंद्रधनुष रौंदे हुए ये, अरी ओ करुणा प्रभामय, आँगन के पार द्वार, सुनहले शैवाल, कितनी नावों में कितनी बार, पहले मैं सन्नाटा बुनता हूँ, महावृक्ष के नीचे, नदी की बाँक पर छाया आदि सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ के काव्य संग्रह हैं।
C. ब्रह्मराक्षस, भूरी-भूरी खाक धूल, भूल गलती, चाँद का मुँह टेढ़ा है, अंधेरे में, ब्रह्मराक्षस, अंत:करण का आयतन आदि गजानन माधव मुक्तिबोध की कविताएँ हैं जबकि टूटने का सुख, कमल के फूल, सतपुड़ा के जंगल, वाणी की दीनता, गीत फरोश आदि भवानी प्रसाद मिश्र की कविताएँ हैं तथा भग्नदूत, चिन्ता, इत्यलम्, हरी घास पर क्षणभर, बावरा अहेरी, इंद्रधनुष रौंदे हुए ये, अरी ओ करुणा प्रभामय, आँगन के पार द्वार, सुनहले शैवाल, कितनी नावों में कितनी बार, पहले मैं सन्नाटा बुनता हूँ, महावृक्ष के नीचे, नदी की बाँक पर छाया आदि सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ के काव्य संग्रह हैं।

Explanations:

ब्रह्मराक्षस, भूरी-भूरी खाक धूल, भूल गलती, चाँद का मुँह टेढ़ा है, अंधेरे में, ब्रह्मराक्षस, अंत:करण का आयतन आदि गजानन माधव मुक्तिबोध की कविताएँ हैं जबकि टूटने का सुख, कमल के फूल, सतपुड़ा के जंगल, वाणी की दीनता, गीत फरोश आदि भवानी प्रसाद मिश्र की कविताएँ हैं तथा भग्नदूत, चिन्ता, इत्यलम्, हरी घास पर क्षणभर, बावरा अहेरी, इंद्रधनुष रौंदे हुए ये, अरी ओ करुणा प्रभामय, आँगन के पार द्वार, सुनहले शैवाल, कितनी नावों में कितनी बार, पहले मैं सन्नाटा बुनता हूँ, महावृक्ष के नीचे, नदी की बाँक पर छाया आदि सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ के काव्य संग्रह हैं।