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Q: .
  • A. रचना के भीतरी पाठ में प्रवेश कर
  • B. जोराबरी ऊपर से खींच कर
  • C. आलोचक की नजर से देखकर
  • D. पाठालोचन के सहारे
Correct Answer: Option A - गद्यांश के अनुसार रचना के सच को रचना के भीतरी पाठ में प्रवेश कर पाया जा सकता है क्योंकि किसी भी रचना विषयवस्तु उसके पाठ में ही वास करती है।
A. गद्यांश के अनुसार रचना के सच को रचना के भीतरी पाठ में प्रवेश कर पाया जा सकता है क्योंकि किसी भी रचना विषयवस्तु उसके पाठ में ही वास करती है।

Explanations:

गद्यांश के अनुसार रचना के सच को रचना के भीतरी पाठ में प्रवेश कर पाया जा सकता है क्योंकि किसी भी रचना विषयवस्तु उसके पाठ में ही वास करती है।