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Q: .
  • A. केवल (C), (D), (E)
  • B. केवल (B), (C), (E)
  • C. केवल (A), (C), (E)
  • D. केवल (B), (D), (E)
Correct Answer: Option C - दिये गये विकल्पों में चाणक्य द्वारा नहीं कहा गया कथन निम्न है- 1. पवन सेनापति मार्ग चाहते हो या युद्ध? मुझ पर कृतज्ञता का बोझ है। 2. दुर्गद्वार टूटता है और अभी हमारे वीर सैनिक इस दुर्ग को मटियामेट करते हैं। 3. मेरे इस अंतिम समय में भी क्या कुछ दान चाहते है। चाणक्य द्वारा कहे गये कथन निम्न है- 1. मनुष्य अपनी दुर्बलता से भली-भांति परिचित रहता है पंरतु उसे अपने बल से अवगत होना चाहिए। 2. वह राजाओें का नियमन करना जानता है, और राजा बनाना जानता है। 3. महत्वाकांक्षा का मोती निष्ठुरता की सीपी में पलता है। 4. शिक्षक कभी साधारण नहीं होता। प्रलय और निर्माण उसके गोद में पलते हैं।
C. दिये गये विकल्पों में चाणक्य द्वारा नहीं कहा गया कथन निम्न है- 1. पवन सेनापति मार्ग चाहते हो या युद्ध? मुझ पर कृतज्ञता का बोझ है। 2. दुर्गद्वार टूटता है और अभी हमारे वीर सैनिक इस दुर्ग को मटियामेट करते हैं। 3. मेरे इस अंतिम समय में भी क्या कुछ दान चाहते है। चाणक्य द्वारा कहे गये कथन निम्न है- 1. मनुष्य अपनी दुर्बलता से भली-भांति परिचित रहता है पंरतु उसे अपने बल से अवगत होना चाहिए। 2. वह राजाओें का नियमन करना जानता है, और राजा बनाना जानता है। 3. महत्वाकांक्षा का मोती निष्ठुरता की सीपी में पलता है। 4. शिक्षक कभी साधारण नहीं होता। प्रलय और निर्माण उसके गोद में पलते हैं।

Explanations:

दिये गये विकल्पों में चाणक्य द्वारा नहीं कहा गया कथन निम्न है- 1. पवन सेनापति मार्ग चाहते हो या युद्ध? मुझ पर कृतज्ञता का बोझ है। 2. दुर्गद्वार टूटता है और अभी हमारे वीर सैनिक इस दुर्ग को मटियामेट करते हैं। 3. मेरे इस अंतिम समय में भी क्या कुछ दान चाहते है। चाणक्य द्वारा कहे गये कथन निम्न है- 1. मनुष्य अपनी दुर्बलता से भली-भांति परिचित रहता है पंरतु उसे अपने बल से अवगत होना चाहिए। 2. वह राजाओें का नियमन करना जानता है, और राजा बनाना जानता है। 3. महत्वाकांक्षा का मोती निष्ठुरता की सीपी में पलता है। 4. शिक्षक कभी साधारण नहीं होता। प्रलय और निर्माण उसके गोद में पलते हैं।