Correct Answer:
Option A - उत्स्रुत कुआँ एक कुआँ है जिसमें पानी को सतह पर लाने के लिए पम्प की आवश्यकता नहीं होती है।
उत्स्त्रुत या बहते कुएँ– यह कुएँ प्राय: गहरी घाटियों में पाये जाते हैं। अधिक ढाल पर दो अप्रवेश्य तहों के बीच फंसी प्रवेश्य (जलधारी) तह में जलीय दाब के कारण पानी बाहर आने की चेष्टा करता है। जैसे ही इस जलधारी तह को भेदा जाता है, यह दाब युक्त जल अपने आप कुएँ से फूट पड़ता है।
यह कुएँ सबसे पहले बड़ी संख्या में आरटोइस (Artois) (फ्रांस) क्षेत्र में खोदे गए थे, अत: इनको आरटीजियन वेल (Artesian Well) का नाम दिया गया।
A. उत्स्रुत कुआँ एक कुआँ है जिसमें पानी को सतह पर लाने के लिए पम्प की आवश्यकता नहीं होती है।
उत्स्त्रुत या बहते कुएँ– यह कुएँ प्राय: गहरी घाटियों में पाये जाते हैं। अधिक ढाल पर दो अप्रवेश्य तहों के बीच फंसी प्रवेश्य (जलधारी) तह में जलीय दाब के कारण पानी बाहर आने की चेष्टा करता है। जैसे ही इस जलधारी तह को भेदा जाता है, यह दाब युक्त जल अपने आप कुएँ से फूट पड़ता है।
यह कुएँ सबसे पहले बड़ी संख्या में आरटोइस (Artois) (फ्रांस) क्षेत्र में खोदे गए थे, अत: इनको आरटीजियन वेल (Artesian Well) का नाम दिया गया।