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Q: .
  • A. चंद्रगुप्त मौर्य
  • B. अशोक
  • C. पुष्यमित्र शुंग
  • D. वसुमित्र
Correct Answer: Option C - प्राचीन भारत के महान व्याकरणविद् पतंजलि, शुंग वंश के संस्थापक पुष्यमित्र शुंग के राजपुरोहित थे। उन्होंने पाणिनी के अष्टाध्यायी नामक पुरातन व्याकरण ग्रन्थ पर महाभाष्य नामक टीका लिखी। अयोध्या अभिलेख से पुष्यमित्र शुंग के दो बार अश्वमेध यज्ञ करने की जानकारी प्राप्त होती है जिन्हें सम्पन्न कराने का श्रेय महर्षि पतंजलि को है।
C. प्राचीन भारत के महान व्याकरणविद् पतंजलि, शुंग वंश के संस्थापक पुष्यमित्र शुंग के राजपुरोहित थे। उन्होंने पाणिनी के अष्टाध्यायी नामक पुरातन व्याकरण ग्रन्थ पर महाभाष्य नामक टीका लिखी। अयोध्या अभिलेख से पुष्यमित्र शुंग के दो बार अश्वमेध यज्ञ करने की जानकारी प्राप्त होती है जिन्हें सम्पन्न कराने का श्रेय महर्षि पतंजलि को है।

Explanations:

प्राचीन भारत के महान व्याकरणविद् पतंजलि, शुंग वंश के संस्थापक पुष्यमित्र शुंग के राजपुरोहित थे। उन्होंने पाणिनी के अष्टाध्यायी नामक पुरातन व्याकरण ग्रन्थ पर महाभाष्य नामक टीका लिखी। अयोध्या अभिलेख से पुष्यमित्र शुंग के दो बार अश्वमेध यज्ञ करने की जानकारी प्राप्त होती है जिन्हें सम्पन्न कराने का श्रेय महर्षि पतंजलि को है।