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Q: यदि एक लोक सेवक अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति से संबंधित अपने कर्तव्य की उपेक्षा करता है, तो उसे अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 4 के तहत अधिकतम कितनी अवधि के लिए दंडित किया जा सकता है?
  • A. 24 महीने
  • B. 3 महीने
  • C. 12 महीने
  • D. 6 महीने
Correct Answer: Option C - अनुसूचित जाति/ जनजाति अधिनियम, 1989 की धारा 4 में कत्र्तव्यों की उपेक्षा के लिए दण्ड का प्रावधान दिया गया है, जब कोई लोकसेवक जो अनु.जाति/जनजाति का सदस्य नहीं है, इस अधिनियम के अधीन उसके द्वारा पालन किए जाने के लिए अपेक्षित अपने कत्र्तव्यों की जानबूझकर उपेक्षा करेगा, वह कारावास से, जिसकी अवधि 6 माह से कम की नहीं होगी, किन्तु जो एक वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डनीय होगा।
C. अनुसूचित जाति/ जनजाति अधिनियम, 1989 की धारा 4 में कत्र्तव्यों की उपेक्षा के लिए दण्ड का प्रावधान दिया गया है, जब कोई लोकसेवक जो अनु.जाति/जनजाति का सदस्य नहीं है, इस अधिनियम के अधीन उसके द्वारा पालन किए जाने के लिए अपेक्षित अपने कत्र्तव्यों की जानबूझकर उपेक्षा करेगा, वह कारावास से, जिसकी अवधि 6 माह से कम की नहीं होगी, किन्तु जो एक वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डनीय होगा।

Explanations:

अनुसूचित जाति/ जनजाति अधिनियम, 1989 की धारा 4 में कत्र्तव्यों की उपेक्षा के लिए दण्ड का प्रावधान दिया गया है, जब कोई लोकसेवक जो अनु.जाति/जनजाति का सदस्य नहीं है, इस अधिनियम के अधीन उसके द्वारा पालन किए जाने के लिए अपेक्षित अपने कत्र्तव्यों की जानबूझकर उपेक्षा करेगा, वह कारावास से, जिसकी अवधि 6 माह से कम की नहीं होगी, किन्तु जो एक वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डनीय होगा।