तालवृक्ष: कस्य समीपे विराजते?
The solution of statically indeterminate structure requires/स्थैतिक अनिर्धार्य संरचना को हल करने के लिए आवश्यक होता है-
Identify whether the given statements are true or false. (i) The capability of a computer to perform different kinds of works with the same accuracy and efficiency is termed as diligence (ii) The versatility property ensures that a computer does not feel any fatigue or lack of concentration.
PIEV represents PIEV किसे दर्शाता है–
The length of a line measured with a 20 metre chain was found to be 250 metres. Calculate the true length of the line if the chain was 10 cm too long./20 m की जरीब से मापी गई लाइन की लंबाई 250 m पाई गई। जरीब 10 cm अतिरिक्त लंबी थी, तो लाइन की वास्तविक लंबाई की गणना कीजिए
Any section of citizens with a distinct language or culture have a right to conserve it. This particular right comes under which fundamental right? ‘विशिष्ट भाषा या संस्कृति वाले नागरिकों के किसी भी वर्ग को इसे संरक्षित करने का अधिकार है।’ यह विशिष्ट अधिकार किस मौलिक अधिकार के अंतर्गत आता है?
After arranging the given words according to the English dictionary, which word will come at the Fourth position? 1. Activity 2. Activist 3. Activismal 4. Activisticy 5. Activize
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निम्न में से कौनसा अमीनो अम्ल मनुष्य के लिये आवश्यक है ?
Comprehension: एक गद्यांश दिया गया है। गद्यांश के आधार पर पाँच प्रश्न दिए गए हैं। गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़ें तथा प्रत्येक प्रश्न के चार विकल्पों मे सही विकल्प चुने । आधुनिक भारतीय नारी एक साथ दो भूमिकाएं निभा रही है। वह एक ओर घर-गृहस्थी संभालकर पारिवारिक उत्तरदायित्वों का निर्वाह कर रही है, वहीं दूसरी ओर नौकरी तथा अन्य व्यवसायों के माध्यम से धनोपार्जन कर रही है । इस कारणवश उस पर दोहरे दायित्व आ गए हैं। वे आज इन दोनों स्थितियों के मध्य अत्यधिक संघर्षशील हो गई हैं । उसकी इस संघर्ष - शक्ति के कारण समाज विकास के मार्ग पर ते़जी से अग्रसर हो रहा है । पहले नारी का स्थान घर की चारदीवारी तक सीमित था। समाज पुरुष प्रधान था । पुरुष और नारी के कार्यों का स्पष्ट विभाजन था। पुरुष धन कमाता था । नारी पारिवारिक उत्तरदायित्वों का पालन करती थी । वह आर्थिक रूप से पूर्णतया पुरुष पर आश्रित थी । इसलिए उसे पुरुष के समान नहीं समझा जाता था । उसे ‘भोग्या’ की संज्ञा दी गई थी । उसके चारों ओर मर्यादाओं का चक्रव्यूह रच दिया जाता था । उसे त्याग की मूर्ति कहकर त्याग की अपेक्षाएँ की जाती थीं । विदेशी आक्रमणकारी लूट-मार करते थे। वे नारियों पर विशेष रूप से अत्याचार करते थे। उन्हें लूट का माल समझकर बाँटा जाता था । इसी कारणवश नारी को परदे में रखने का प्रथा का प्रचलन हुआ वैदिक युग में यह स्थिति नहीं थी। तब नारी को पुरुष से बढ़कर सम्मान मिलता था । नारी की शिक्षा पर बल दिया जाता था। वेदों की अनेक ऋचाएँ नारियों द्वारा ही लिखी गई हैं । उस समय गार्गी जैसी विदुषी नारियाँ पुरुषों के साथ शास्त्रार्थ करती थीं । याज्ञवल्क्य ऋषि की पत्नी मैत्रेयी सीता की शिक्षिका थीं । समय के परिवर्तन के साथ-साथ नारी की सामाजिक स्थिति में भी परिवर्तन होता चला गया । स्वतंत्रता के पश्चात् नारी-शिक्षा पर विशेष बल दिया । भारतीय नारी एक साथ कितनी भूमिका निभा रही है?
Explanations:
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